{"_id":"63f6ed1d3ed54032720bc239","slug":"action-against-former-md-of-up-sidco-and-superintendent-engineer-2023-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकायुक्त जांच: यूपी सिडको के पूर्व एमडी की पेंशन में होगी कटौती और अधीक्षण अभियंता की ग्रेच्युटी रुकेगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकायुक्त जांच: यूपी सिडको के पूर्व एमडी की पेंशन में होगी कटौती और अधीक्षण अभियंता की ग्रेच्युटी रुकेगी
Thu, 23 Feb 2023 03:25 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 23 Feb 2023 03:25 PM IST
सार
यूपी सिडको के पूर्व प्रबंध निदेशक और अधीक्षण अभियंता को अलग-अलग मामले में दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई है। पूर्व प्रबंध निदेशक की पेंशन में कटौती होगी जबकि अधीक्षण अभियंता की ग्रच्युटी रोकी जाएगी।
विज्ञापन
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बजट सत्र के दौरान विधानसभा के पटल पर लोकायुक्त संगठन की जांच रिपोर्ट रखी गयी। रिपोर्ट में अलग-अलग मामलों में यूपी सिडको के तत्कालीन प्रबंध निदेशक वीपी सिंह और अधीक्षण अभियंता रामस्वरूप के दोषी पाए जाने का जिक्र है।
विज्ञापन
यूपी सिडको के तत्कालीन प्रबंध निदेशक वीपी सिंह केंद्रीय विद्यालय जालौन और हरदोई के निर्माण कार्य की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुए बिना निविदाएं प्रकाशित करने, निविदा समिति की संस्तुतियों को नजरअंदाज करने समेत कई अनियमितताएं करने पर दोषी पाया गया। लोकायुक्त संगठन की संस्तुति पर समाज कल्याण विभाग ने उनकी पेंशन में 5 प्रतिशत की कटौती करने की कार्रवाई की है। इस प्रकरण की शिकायत लखनऊ के इंदिरानगर निवासी ओपी श्रीवास्तव ने की थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - सबको साधने पर काम, सियासी एजेंडे को उड़ान, 24 की मजबूती पर ध्यान
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - योगी सरकार ने पेश किया भारी-भरकम बजट, पढ़ें बजट से जुड़ी 10 बड़ी घोषणाएं
इसी तरह वर्ष 2015 मे कानपुर स्थित माती बस अड्डा के निर्माण को लेकर जारी निविदा में तमाम अनियमितताएं अंजाम देने वाले तत्कालीन अधीक्षण अभियंता को भी जांच में दोषी पाया गया है। लोकायुक्त संगठन की संस्तुति पर समाज कल्याण विभाग ने अधीक्षण अभियंता के सेवानिवृत्त होने के बाद ग्रैच्युटी रोकने की कार्रवाई की है।
जांच में सामने आया कि तत्कालीन अधीक्षण अभियंता ने वित्तीय अधिकार फ्रीज होने केबावजूद अनाधिकृत रूप से तकनीकी निविदा खोली। उसका उच्चाधिकारियों ने अनुमोदन भी कर दिया। लोकायुक्त संगठन ने उच्च अधिकारियों की संलिप्तता की जांच कर विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति की थी। इनमें यूपी सिडको केतत्कालीन प्रबंध निदेशक भी शामिल थे। लोकायुक्त में इस मामले की शिकायत प्रमोद कुमार सिंह ने की थी।