फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Action against Amitabh Thakur to please UP govt.

सरकार को खुश करने के लिए अमिताभ को फंसाया

Sun, 11 Oct 2015 07:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 11 Oct 2015 07:51 AM IST
विज्ञापन
Action against Amitabh Thakur to please UP govt.

निलंबित आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के प्रार्थना पत्र पर यहां विभूति खंड थाने के एसओ ने शनिवार को केस दर्ज करने से इन्कार कर दिया। इतना ही नहीं एसओ ओपी तिवारी ने प्रार्थना पत्र भी नहीं लिया।

विज्ञापन


इससे पहले तिवारी ने शुक्रवार को भी प्रार्थना पत्र लेने से मना कर दिया था। दरअसल ठाकुर ने प्रार्थना पत्र में विजिलेंस के डायरेक्टर भानु प्रताप सिंह, एसपी सीआईएस घनश्याम चौरसिया, निरीक्षक महेश सिंह व अन्य अफसरों पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन


उन्होंने एसएसपी को पत्र लिखकर विभूतिखंड एसओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। कहा, वह अब कोर्ट के जरिये रिपोर्ट लिखाएंगे।

झूठे तथ्यों में की फंसाने की ‌कोशिश

Action against Amitabh Thakur to please UP govt.

उन्होंने बताया कि विजिलेंस अफसरों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खुश करने के लिए आपराधिक षड्यंत्र कर झूठे तथ्यों के आधार पर उन्हें फंसाने की साजिश रची है।

यही नहीं गोपनीय रूप से गोमती नगर थाने में एफआईआर भी दर्ज करा दी। एफआईआर की कॉपी भी उन्हें नहीं दी गई।

ठाकुर ने बताया कि कोर्ट जरिये एफआईआर की कॉपी हासिल करने पर पता चला कि विजिलेंस जांच में उनकी 2.16 करोड़ रुपये कीमत की 15 अचल संपत्ति बताई है।

जबकि इन संपत्तियों में दो उनके पिता टीएन ठाकुर, दो उनकी मां माधुरी बाला, दो भाई अविनाश, छह पत्नी नूतन और दो इंडियन पब्लिक अकादमी की हैं। सिर्फ एक ही संपत्ति उनकी है, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed