सरकार को खुश करने के लिए अमिताभ को फंसाया
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निलंबित आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के प्रार्थना पत्र पर यहां विभूति खंड थाने के एसओ ने शनिवार को केस दर्ज करने से इन्कार कर दिया। इतना ही नहीं एसओ ओपी तिवारी ने प्रार्थना पत्र भी नहीं लिया।
इससे पहले तिवारी ने शुक्रवार को भी प्रार्थना पत्र लेने से मना कर दिया था। दरअसल ठाकुर ने प्रार्थना पत्र में विजिलेंस के डायरेक्टर भानु प्रताप सिंह, एसपी सीआईएस घनश्याम चौरसिया, निरीक्षक महेश सिंह व अन्य अफसरों पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने एसएसपी को पत्र लिखकर विभूतिखंड एसओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। कहा, वह अब कोर्ट के जरिये रिपोर्ट लिखाएंगे।
झूठे तथ्यों में की फंसाने की कोशिश
उन्होंने बताया कि विजिलेंस अफसरों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खुश करने के लिए आपराधिक षड्यंत्र कर झूठे तथ्यों के आधार पर उन्हें फंसाने की साजिश रची है।
यही नहीं गोपनीय रूप से गोमती नगर थाने में एफआईआर भी दर्ज करा दी। एफआईआर की कॉपी भी उन्हें नहीं दी गई।
ठाकुर ने बताया कि कोर्ट जरिये एफआईआर की कॉपी हासिल करने पर पता चला कि विजिलेंस जांच में उनकी 2.16 करोड़ रुपये कीमत की 15 अचल संपत्ति बताई है।
जबकि इन संपत्तियों में दो उनके पिता टीएन ठाकुर, दो उनकी मां माधुरी बाला, दो भाई अविनाश, छह पत्नी नूतन और दो इंडियन पब्लिक अकादमी की हैं। सिर्फ एक ही संपत्ति उनकी है, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये है।