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वेलेंटाइन डे पर मुकम्मल हुई मुहब्बत की अनूठी दास्तां, तेजाब पीड़िता को मिला हमसफर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 15 Feb 2018 05:22 PM IST
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प्रमोदिनी और सरोज।
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यह प्रमोदिनी उर्फ रानी के लिए खुशी का अवसर था, लेकिन उसकी आवाज बार-बार भर्रा रही थी। सरोज साहू से सगाई की अंगूठी पहनने के बाद वह बोल पड़ी, ‘ मैं इतना जरूर कहना चाहूंगी कि किसी के चेहरे या उसके शरीर को देखकर प्यार मत करो, उसके मन को देखकर प्यार करो।’
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फिर उसने यह भी जोड़ा ‘अगर कोई तुमसे प्यार नहीं करता है तो भी प्यार से रहो, उस पर तेजाब तो मत फेंको।’ वेलेंटाइन डे पर प्रमोदिनी की उंगली में सगाई की अंगूठी से चमकता मुहब्बत का अक्श समाज को यह आईना दिखा रहा था कि प्यार दिल देखकर करो चेहरे देखकर नहीं।
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दुनिया में जहां तमाम फैसले चेहरे को देखकर लिए जाते हैं, वहीं ये फैसला मन से मन के लगाव को बयां कर रहा था। यह सिर्फ एक-दूसरे से विवाह करने का कोई अनुबंध नहीं था, जीवन की तमाम विषम परिस्थितियों में एक-दूसरे के प्रति समर्पण और सहयोग की बुनियाद थी।
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बुधवार को वेलेंटाइन डे को खुशनुमा पल शीरोज कैफे में सजाए गए। खूबसूरत मंच बना था, पंडाल लगा था और आगंतुकों का स्वागत भी हो रहा था। शीरोज हैंगआउट की तेजाब पीड़िताएं ही नहीं नगर के ढेर सारे लोग इस पल के गवाह बने।
शाम करीब सात बजे प्रमोदिनी और सरोज ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाई तो देर तक तालियां बजती रहीं। करीब नौ साल पहले महज 15 वर्ष की उम्र में एकतरफा प्रेम में तेजाब का हमला झेलने वाली प्रमोदिनी के जीवन में सरोज का नाम प्यार और विश्वास के पर्याय के रूप में आया था। सरोज उनसे अस्पताल में मिले थे और अपने समर्पण से प्रमोदिनी का दिल जीत लिया था।