एसिड अटैक पीड़िता का ‘फ्री हेयर ट्रांसप्लांट’
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आलमबाग में एसिड अटैक का शिकार बनी कविता का हेयर ट्रांसप्लांट किया गया। विवेकखंड गोमतीनगर स्थित प्लास्टिक सर्जन डॉ. विवेक सक्सेना और उनकी टीम ने यह सर्जरी पूरी की। इसमें हेयर ट्रांसप्लांट कर पीड़िता के चेहरे को बेहतर लुक देने की कवायद की गई है, जिससे वह सामाजिक रूप से खुद की जिंदगी को बेहतर बना सके।
डॉ. सक्सेना और उनकी टीम ने करीब छह घंटे तक कविता की सर्जरी की। उन्होंने बताया कि डेढ़ साल पहले पीड़िता की आंखों के ऊपर भौंहें बनाई गई थीं। इसकी सफलता के बाद अब माथे से ऊपर बालों के ट्रांसप्लांट का काम किया गया।
यह हिस्सा तेजाब से पूरा जल गया था, जिससे माथा और उसके ऊपर की त्वचा खराब हो गई थी। यहां करीब 5000 यूनिट बाल नए सिरे से ट्रांसप्लांट किए गए। वहीं, माथे के ऊपर की खराब स्किन भी हटाई गई। डॉ. सक्सेना ने बताया कि इस ऑपरेशन को फीमेल हेयरलाइन री-स्टोरेशन सर्जरी कहा जाता है।
एसिड पीड़िता को लगाई कृत्रिम आंख
सामान्य तौर पर इसका खर्च एक से सवा लाख रुपये आता है। कविता आर्थिक रूप से कमजोर है और परिवार ने भी उसका साथ छोड़ दिया है। ऐसे में उसकी मदद के लिए ये ऑपरेशन मुफ्त में किया गया है। दवाओं का खर्च भी खुद उठा रहे हैं। डॉ. सक्सेना ने कहा कि यह उनकी टीम की ओर से एसिड अटैक पीड़िताओं को समाज में दोबारा स्थापित होने का एक प्रयास है।
कविता की मदद कर रही शिवा मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की एक आंख पूरी तरह खराब हो चुकी है। कृत्रिम आंख लगाई जानी है। इसके लिए डॉ. सक्सेना ने अपने एक साथी डॉक्टर से बात की है। यह ऑपरेशन भी जल्दी ही कराया जाएगा। कविता के बाद दूसरी पीड़िताओं को भी मदद के लिए उनकी टीम आगे आएगी। इसके लिए संसाधन जुटाने के प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं।