फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   accused ashok yadav arrested in chakbandi lekhpal recruitment scam

चकबंदी लेखपाल भर्ती घोटाले का एक और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किए 11.30 लाख रुपये, ये है मामला

Sat, 08 Jun 2019 04:36 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 08 Jun 2019 04:36 PM IST
विज्ञापन
accused ashok yadav arrested in chakbandi lekhpal recruitment scam
गिरफ्तार आरोपी अशोक यादव - फोटो : अमर उजाला

चकबंदी विभाग में लेखपाल भर्ती और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में अनियमितता के एक और आरोपी अशोक कुमार यादव को पुलिस ने शुक्रवार को दबोच लिया। वह क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में लिपिक है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से 11.30 लाख रुपये भी बरामद किए हैं।

विज्ञापन


उसने कुबूला कि यह रकम उसे रिश्वत में मिले थे। पुलिस ने अशोक को जेल भेज दिया। क्षेत्राधिकारी हजरतगंज व चकबंदी भर्ती घोटाले में दर्ज मुकदमे के विवेचक अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी अशोक का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लेकर कई दिनों से मॉनिटरिंग की जा रही थी।
विज्ञापन


वह कई बार प्रदेश के बाहर भी गया। जहां कुछ दिन रुकने के बाद वापस आ गया। एक बार उसकी लोकेशन पूर्वोत्तर राज्य में भी मिली। पुलिस को गुरुवार दोपहर उसकी लोकेशन आशियाना में मिली, जब तक पुलिस पहुंचती वहां से वह निकल चुका था।
विज्ञापन
विज्ञापन


देर रात अशोक की लोकेशन सरोजनीनगर इलाके में मिली, लेकिन वहां से भी वह पुलिस के पहुंचने से पहले निकल चुका था। शुक्रवार सुबह उसकी लोकेशन हुसैनगंज स्थित बापू भवन के पास मिली जहां पुलिस ने उसकी घेराबंदी करके दबोच लिया।

प्रति अभ्यर्थी मिलते थे 20 हजार रुपये

अशोक ने पूछताछ में कई राज उगले। उसने बताया कि भर्ती घोटाले में शामिल सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय थी। उसी के मुताबिक सबको रिश्वत से हिस्सा मिलता था। उसे प्रति अभ्यर्थी 20 हजार रुपये मिले थे। भर्ती प्रक्रिया में सेवा योजन कार्यालय से जो भी काम होने थे उसके जरिए ही कराए गए।

क्षेत्राधिकारी हजरतगंज व चकबंदी भर्ती घोटाले में दर्ज मुकदमे के विवेचक अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि 29 अप्रैल को उपसंचालक चकबंदी उमेश गिरि ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया गया कि क्षेत्रीय सेवा योजन कार्यालय में तैनात अशोक, अपर संचालक चकबंदी सुरेश सिंह यादव, संयुक्त संचालक रवींद्र कुमार दुबे, प्रशासनिक अधिकारी बिहारी लाल, सपा  एमएलसी संजय लाठर की पत्नी बबिता लाठर, अब्दुल गनी, केशवराम, विनय श्रीवास्तव और महेश प्रसाद ने चकबंदी विभाग में 70 चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नत कर कनिष्ठ लिपिक बना दिया और लेखपाल के 925 अनारक्षित पदों पर अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्त कर दिया है। इन सभी ने निजी लाभ के लिए भर्ती के सारे मानक  को दरकिनार कर दिया था। भर्ती घोटाले में अपर संचालक चकबंदी सुरेश सिंह यादव को पुलिस ने छह दिन पहले ही  जेल भेज चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed