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यूपी बोर्ड की कॉपी जांचने वाले शिक्षकों के लिए ये चीज होगी अनिवार्य
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 25 Sep 2018 03:22 PM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल पर सख्ती के साथ ही मूल्यांकन कार्य में पारदर्शिता लाने की भी कवायद हो रही है। इसके तहत मूल्यांकन कार्य करने वाले वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को अपने आधार का ब्योरा देना होगा, बिना इसके वह बोर्ड की कॉपियां नहीं जांच सकेंगे।
इनपर यह नियम विशेष रूप से लागू होगा, क्योंकि विभाग के पास वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का लेखाजोखा नहीं होता है। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी के दूसरे सप्ताह से शुरू होकर मार्च के पहले हफ्ते में ही खत्म हो जाएंगी। इसके बाद कॉपियों का मूल्यांकन कार्य शुरू हो जाएगा।
परीक्षा शुरू होने से पहले ही उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए परीक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की तैनाती की जाती है।
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करीब चार हजार परीक्षक मूल्यांकन के लिए लगाए जाएंगे। इनमें ढाई हजार से ज्यादा वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक रहेंगे। इनसे आधार का ब्योरा मांगा जाएगा। परीक्षकों के परिचय पत्र पर उनका आधार नंबर भी अंकित होगा। आधार नंबर इसलिए जरूरी होगा ताकिमूल्यांकन के समय परीक्षक किसी प्रकार की गड़बड़ी न कर सकें।
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इनपर यह नियम विशेष रूप से लागू होगा, क्योंकि विभाग के पास वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का लेखाजोखा नहीं होता है। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी के दूसरे सप्ताह से शुरू होकर मार्च के पहले हफ्ते में ही खत्म हो जाएंगी। इसके बाद कॉपियों का मूल्यांकन कार्य शुरू हो जाएगा।
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परीक्षा शुरू होने से पहले ही उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए परीक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की तैनाती की जाती है।
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करीब चार हजार परीक्षक मूल्यांकन के लिए लगाए जाएंगे। इनमें ढाई हजार से ज्यादा वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक रहेंगे। इनसे आधार का ब्योरा मांगा जाएगा। परीक्षकों के परिचय पत्र पर उनका आधार नंबर भी अंकित होगा। आधार नंबर इसलिए जरूरी होगा ताकिमूल्यांकन के समय परीक्षक किसी प्रकार की गड़बड़ी न कर सकें।
हेराफेरी पर लगेगी लगाम
डेमो
मूल्यांकन के समय अक्सर यह शिकायतें आती हैं कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक अपने स्थान पर अन्य शिक्षकों को कॉपी चेकिंग के लिए भेज देते हैं, जो किसी स्कूल में नहीं बल्कि कोचिंग संस्थान में पढ़ाते हैं। आधार नंबर से ऐसी हेराफेरी पर लगाम लगेगी।
वहीं एक ही शिक्षक फर्जीवाड़ा कर कई विद्यालयों में मूल्यांकन नहीं कर सकेगा। गत बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में कुछ ऐसी ही गड़बड़ियां पकड़ में आईं थीं। हालांकि मूल्यांकन से पहले ही उनकी पोल खुल गई थी।
मूल्यांकन कार्य में जो भी परीक्षक लगाए जाएंगे उनके आधार का ब्योरा भी मांगा जाएगा। इनका पूरा ब्योरा विभाग के पास रहेगा, ताकि मूल्यांकन के दौरान जब भी जरूरत पड़े इसे क्रॉस चेक किया जा सके।
- डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डीआईओएस
वहीं एक ही शिक्षक फर्जीवाड़ा कर कई विद्यालयों में मूल्यांकन नहीं कर सकेगा। गत बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में कुछ ऐसी ही गड़बड़ियां पकड़ में आईं थीं। हालांकि मूल्यांकन से पहले ही उनकी पोल खुल गई थी।
मूल्यांकन कार्य में जो भी परीक्षक लगाए जाएंगे उनके आधार का ब्योरा भी मांगा जाएगा। इनका पूरा ब्योरा विभाग के पास रहेगा, ताकि मूल्यांकन के दौरान जब भी जरूरत पड़े इसे क्रॉस चेक किया जा सके।
- डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डीआईओएस