बाराबंकी: 11 साल से नाम बदलकर नौकरी कर रही शिक्षिका बर्खास्त, भेद खुलने पर हुई फरार, होगी रिकवरी
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बाराबंकी जिले में नाम बदलकर पिछले 11 साल से नौकरी कर रही एक शिक्षिका को गुरुवार को बर्खास्त कर दिया गया। मामला खुलने पर जब उससे दस्तावेज मांगे गए तो वह फरार हो गई। अब तक उसे दिए गए वेतन की रिकवरी करने का आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं, जिस खाते में वेतन जा रहा था उस पर भी रोक लगा दी गई है। एसटीएफ शिक्षिका की तलाश कर रही है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी वीपी सिंह ने बताया कि जिला संतकबीरनगर के कोतवाली खलीलाबाद के औद्योगिक नगर निवासी राम बिहारी पांडेय की पुत्री अर्चना पांडेय की नियुक्ति तीन जुलाई 2009 को सहायक अध्यापक पद पर हुई थी। उसको पहली तैनाती बस्ती जिले के दुबौलिया ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मसीहा में मिली थी।
14 अगस्त 2012 में अंतरजनपदीय तबादले के तहत शिक्षिका ने बाराबंकी जिले के सिद्धौर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नौछना में स्थानांतरण कराया। वर्तमान में वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय गदिया में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थी। अर्चना पांडेय नाम इस्तेमाल कर नौकरी किए जाने की बात संज्ञान आने पर जांच शुरू की गई।
शिक्षिका से शैक्षिक अभिलेख, पैन कार्ड व आधार कार्ड के साथ एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया। इसका जवाब देने के बजाय वह एक जुलाई 2020 से फरार हो गई। यह फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब उसके पति प्रमोद सिंह पुत्र इंद्रमणि यादव को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया।
शिक्षिका के पति ने दी पूरी जानकारी
पूछताछ में प्रमोद ने बताया कि उसकी पत्नी प्रियलता सिंह वर्तमान में अर्चना पांडेय के नाम से पूर्व माध्यमिक विद्यालय गदिया में नौकरी कर रही है। बीएसए वीपी सिंह ने कहा कि शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। रिकवरी के आदेश दिए गए हैं। जिस खाते में वेतन जा रहा था, उस खाते पर भी रोक लगा दी गई है। अब 2009 से अब तक वेतन की रिकवरी की जाएगी। उधर, एसटीएफ भी शिक्षिका की तलाश में है।