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First HMPV Case In UP: चीन के वायरस एचएमपीवी ने लखनऊ में दी दस्तक, जांच में पॉजिटिव पाई गई महिला

Thu, 09 Jan 2025 03:56 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 09 Jan 2025 03:56 PM IST
सार

HMPV Case In UP: राजधानी लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में भर्ती एक महिला को एचएमपीवी पॉजिटिव पाया गया है। आगे की जांच के लिए सैंपल को केजीएमयू भेजा गया है।

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Up First Hmpv Virus Case Found In Lucknow Women Admitted In Hospital
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Freepik.com

विस्तार

HMPV News: चीन के वायरस एचएमपीवी ने लखनऊ में दस्तक दे दी है। शहर की एक महिला की जांच के बाद निजी लैब ने उन्हें एचएमपीवी पॉजिटिव करार दिया है। महिला को चरक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वहां से रात 11 बजे बलरामपुर अस्पताल में एडमिट किया गया। निजी लैब की जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई हैं। आगे की जांच के लिए सैंपल को केजीएयू भेजा गया है।

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महिला को अस्पताल के वार्ड नंबर 11 के आइसोलेशन में रखा गया है। नमूना जांच के लिए केजीएमयू भेजा गया है। 60 वर्षीय महिला लखनऊ के कैंट क्षेत्र की निवासी है।
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स्वास्थ्य विभाग हुआ सतर्क, बढ़ते जा रहे मामले
ह्युमन मेटा न्यूमो वायरस (एचएमपीवी) की देश में दस्तक के साथ ही स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। वर्तमान में देश में बुधवार तक 11 मामले सामने आ चुके हैं। चिकित्सकों के मुताबिक लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। अमूमन यह जाड़े के दिनों में फैलता है और जुकाम, बुखार खांसी, सीने में जकड़न आदि करता है। इससे बचाव का सबसे सहज तरीका ठंड के बावजूद लगातार पानी पीते रहना है। साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों से दूरी रखना आदि सावधानियां बरतना है।
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नया नहीं है वायरस: ह्युमन मेटा न्यूमो वायरस (एचएमपीवी) न्यूमोविरडी वायरस परिवार का वारिस है। एचएमपीवी 60 साल से वातावरण में मौजूद है। इसकी पहचान बाद में हुई है। यह मौसमी बीमारी की श्रेणी में आता है। अमूमन इसका संक्रमण पता ही नहीं चलता है। फ्लू जैसे लक्षण वाला यह कोई नया वायरस नहीं है। पहली बार वर्ष 2001 में इसके बारे में पता चला। नीदरलैंड में बच्चों को यह संक्रमण पाया गया था। देश में पहली बार 2003 में इस वायरस की पुष्टि हुई थी। बीजे मेडिकल कॉलेज और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे ने पहली बार बच्चों में इसकी पुष्टि की थी।

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