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Lucknow News: मधुमेह का खतरा बढ़ाती है 39 इंच से ज्यादा मोटी कमर

Sun, 26 Oct 2025 02:35 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Oct 2025 02:35 AM IST
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A waistline of more than 39 inches increases the risk of diabetes
प्रतीकात्मक।
लखनऊ। अगर आपकी कमर का माप 100 सेंटीमीटर (महिलाओं के मामले में 90 सेंटीमीटर) यानी 39 इंच से ज्यादा है तो आपको मधुमेह होने का खतरा है। कमर ही नहीं, आयु, पारिवारिक इतिहास और शारीरिक गतिविधि भी मधुमेह के जोखिम से सीधे तौर पर जुड़े हैं। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय और लखनऊ विश्वविद्यालय ने भारतीय मधुमेह जोखिम स्कोर के आधार पर लखनऊ और आसपास के क्षेत्र का अध्ययन किया है।
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यह अध्यन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ डायबिटीज इन डेवलपिंग कंट्रीज के ताजा अंक में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में डॉ. अश्विनी शुक्ला, डॉ. कोमल अवस्थी, डॉ. प्रत्यूष सिंह, डॉ. कौसर उस्मान और डॉ. मोनीषा बनर्जी शामिल हुए। फरवरी से अगस्त 2023 के दौरान लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले 795 लोगों को शामिल किया गया। भारतीय जोखिम स्कोर के आधार पर इनमें मधुमेह के जोखिम के स्तर का आकलन किया गया। इन्हें निम्न, मध्यम और उच्च जोखिम वर्ग में बांटा गया। 60 से ज्यादा स्कोर को उच्च जोखिम, 30 से 50 को मध्यम और 30 से कम को निम्न जोखिम में माना गया।
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18.5% आबादी उच्च जोखिम वर्ग में
अध्ययन में 18.5% आबादी उच्च जोखिम वर्ग में पाई गई। इस श्रेणी में पुरुष और वृद्धों की संख्या ज्यादा थी। व्यक्ति का जेंडर, बॉडी मॉस इंडेक्स, मधुमेह का पारिवारिक इतिहास, शारीरिक गतिविधि और कमर की मोटाई भी उच्च जोखिम के लिए जिम्मेदार मिले।
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क्या है भारतीय मधुमेह जोखिम स्कोर
भारतीय मधुमेह जोखिम स्कोर मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन ने दिया है। इस स्कोर के माध्यम से अज्ञात टाइप- 2 मधुमेह के जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान की जा सकती है। लखनऊ और आसपास के क्षेत्र में इसका उपयोग करके मधुमेह के जोखिम का आकलन किया गया। यह स्कोर चार जोखिम कारकों पर विचार करता है- आयु, पारिवारिक इतिहास, पेट का मोटापा और शारीरिक गतिविधि।
सात बजे तक रात का खाना खाने से कम होता है जोखिम
केजीएमयू के इंडोक्राइनोलॉजी विभाग में वर्ष 2024 में हुए अध्ययन के अनुसार, रात का खाना सात बजे तक खा लेने से वजन और मधुमेह दोनों बढ़ने का जोखिम कम हुआ। ऐसे मे रात का खाना जल्दी खाने से मधुमेह का जोखिम भी कम होता है।


देश में डायबिटीज और प्री-डायबिटीज के करीब 15 करोड़ मरीज
अध्ययन के मुताबिक, देश में डायबिटीज के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस समय देश में डायबिटीज के करीब सात लाख 40 हजार मरीज हैं। इसके अलावा करीब सात लाख से ज्यादा मरीज प्री-डायबिटीज की श्रेणी में हैं।
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