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जब बस के आगे अचानक आ गया टाइगर... पढ़ें क्या हुआ यात्रियों का हाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 06 Dec 2018 11:53 AM IST
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चहलकदमी करता बाघ
- फोटो : amar ujala
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बहराइच के नानपारा-लखीमपुर मार्ग पर बीती रात एक बाघ ने बस का रास्ता रोक दिया। बाघ सड़क पर चहलकदमी कर रहा था। बस में यात्री बाघ को देखकर रोमांचित हो गए। यात्रियों ने बस से ही बाघ की दुर्लभ फोटो मोबाइल में कैद की।
करीब सात मिनट तक बाघ सड़क पर ही डटा रहा। इसके बाद वह जंगल की ओर चला गया। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मोतीपुर रेंज से होकर नानपारा-लखीमपुर मार्ग गुजरता है। कोतवाली मुर्तिहा अंतर्गत नौबना गांव निवासी रंजीत कुमार बीती रात रुपईडीहा से लखीमपुर जा रही रोडवेज बस में सवार हुआ।
रंजीत ने बताया कि बस जब खपरा वन चौकी के निकट पहुंची तो अचानक सड़क पर बाघ आ गया। सामने से दूसरा वाहन आ रहा था। ऐसे में बाघ सड़क पर ही ठहर गया। चालक ने बस रोक दी। बस में सवार यात्री बाघ को देखकर रोमांचित हो उठे।
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करीब सात मिनट तक बाघ सड़क पर ही डटा रहा। इसके बाद वह जंगल की ओर चला गया। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मोतीपुर रेंज से होकर नानपारा-लखीमपुर मार्ग गुजरता है। कोतवाली मुर्तिहा अंतर्गत नौबना गांव निवासी रंजीत कुमार बीती रात रुपईडीहा से लखीमपुर जा रही रोडवेज बस में सवार हुआ।
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रंजीत ने बताया कि बस जब खपरा वन चौकी के निकट पहुंची तो अचानक सड़क पर बाघ आ गया। सामने से दूसरा वाहन आ रहा था। ऐसे में बाघ सड़क पर ही ठहर गया। चालक ने बस रोक दी। बस में सवार यात्री बाघ को देखकर रोमांचित हो उठे।
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लगभग सात मिनट तक सड़क पर रुका रहा
सात मिनट तक बाघ सड़क पर रुका रहा। इस दौरान वह दो बार दहाड़ा। बस में यात्री मोबाइल से दुर्लभ पल को कैद करने में जुट गए। कुछ देर बाद बाघ सड़क के दूसरी ओर झाड़ियों में चला गया। बाघ के जाने के पांच मिनट बाद आवागमन शुरू हुआ।
वन क्षेत्राधिकारी सत्रोहन लाल का कहना है कि खपरा वन चौकी के आसपास का जंगल बाघों की टेरीटरी (परिक्षेत्र) है। अक्सर बाघ सड़क पार करते हुए दिखते हैं।
वन क्षेत्राधिकारी सत्रोहन लाल का कहना है कि खपरा वन चौकी के आसपास का जंगल बाघों की टेरीटरी (परिक्षेत्र) है। अक्सर बाघ सड़क पार करते हुए दिखते हैं।