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बेटे को बचाने के लिए तेंदुए से जूझ गई मां, बचा ली बच्चे की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, बहराइच
Updated Tue, 10 Oct 2017 12:59 AM IST
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अपनी मां के साथ सहमा बच्चा।
- फोटो : amar ujala
बहराइच के कतर्नियाघाट संरक्षित वन खेत्र के जलिहा धर्मापुर गांव निवासी एक महिला अपने तीन वर्षीय पुत्र के साथ नित्यक्रिया के लिए खेत को गई थी। उसी समय तेंदुए ने मासूम पर हमला कर दिया। मां की बहादुरी से बच्चा बाल-बाल बच गया। उसे सीएचसी पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के धर्मापुर रेंज अंतर्गत जलिहा धर्मापुर गांव जंगल से सटा हुआ है। रविवार देर शाम गांव निवासी ज्ञानदेवी अपने तीन वर्षीय पुत्र सुरेश कुमार को गोद में लेकर नित्यक्रिया के लिए खेत को गई थी।
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बेटे को कुछ दूरी पर बिठा दिया। इसी दौरान खेत में छिपे तेंदुए ने मासूम पर हमला कर दिया। मां ने शोर मचाते हुए बेटे को खींचा। लेकिन तेंदुए का पंजा लगने से उसे खरोंचे आ गईं। हालांकि, पलटवार पर तेंदुआ मौके से खिसक गया।
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गांव के लोग एकत्रित हो गए। मासूम को सीएचसी पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी एसपी सिंह का कहना है कि तेंदुए ने झपट्टा मारा था, लेकिन मां की सजगता से मासूम बच गया।