बाराबंकी: अवैध संबंधों के चलते की गई थी युवक की हत्या, ग्राम प्रधान ने वारदात को दिया हादसे का रंग
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बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र में दो सप्ताह पूर्व हुई एक युवक की हत्या के आरोप में पुलिस ने ग्राम प्रधान, उसके भाई समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि एक महिला से अवैध संबंधों के चलते युवक की हत्या की गई थी।
ग्राम पूरे सूबेदार मजरे रौनी निवासी रामू त्रिवेदी (28) अपले ननिहाल ग्राम बहलीमपुर में 13 सितंबर को खेत की रखवाली करने गया था। इसके बाद वह लापता हो गया। अगले दिन युवक का शव खेत में मिला। रामू तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। वह अपने ननिहाल ग्राम बहलीमपुर में चार बीघा खेत बटाई पर लेकर खेती करता था। खेत देखने के लिए रामू अक्सर बहलीमपुर में रहता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि रामू की हत्या गला दबाकर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने रामू के छोटे भाई श्यामू त्रिवेदी की ओर से अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर छानबीन शुरू की।
एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी के मुताबिक जांच में पता चला कि रामू का बहलीमपुर मजरे कुलहदा के ग्राम प्रधान विजेन्द्र शुक्ला के घर काफी आना-जाना था। परिवार की एक महिला से रामू के मेलजोल की बात सामने आने पर पुलिस ने कई बिंदुओं पर पड़ताल की।
उसके आधार पर रामू की हत्या के आरोप में पुलिस ने बहलीमपुर मजरे कुलहदा के ग्राम प्रधान विजेन्द्र शुक्ला निवासी, उसके भाई राघवेन्द्र शुक्ला, गाड़ी चालक विनीत शुक्ला और घरेलू काम करने वाले राजकुमार शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्तों के पास एक रस्सी मिली जिससे रामू को गला दबाए जाने की बात कही गई है।
रामू के मोलजोल को लेकर हो रही थी बदनामी
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में ग्राम प्रधान ने बताया कि परिवारी की एक महिला से रामू के मोलजोल को लेकर बदनामी हो रही थी। विरोध करने पर भी रामू नहीं माना तो ग्राम प्रधान ने भाई व अन्य लोगों की मदद से उसकी खेत में हत्या कर दी। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को दस हजार का इनाम देने की घोषणा की। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को दस हजार का इनाम देने की घोषणा की।
प्रधान ने किया घटना को हादसे का रंग देने का प्रयास
एसपी ने बताया कि जहां पर रामू का शव मिला था वहां करीब एक साल पहले धान काटने वाली मशीन से एक सांप (नाग) दो भागों में कट गया था। ग्रामीणों का कहना है कि कटने के बाद भी दो दिन तक उसके टुकड़ों में जान थी।
अंधविश्वास के चलते कुछ लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया दो दिन तक सांप को देखने वालों पर नागिन हमला करेगी। इसके चलते आरोपियों ने हत्या के बाद रामू का शव सर्प के कटने वाले स्थान पर ही फेंका। इसके चलते लोगों में सर्पदंश से रामू की मौत होने का शक गहराया।
उधर ग्राम प्रधान विजेन्द्र शुक्ला हत्या की घटना को छिपाने के लिए सर्पदंश की कहानी को हवा देने लगा। वह रामू के शव का जल्द अंतिम संस्कार कराने की तैयारी में जुट गया। रामू के गले में निशान देखने के बाद उसके भाई श्यामू ने पुलिस को सूचना दी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या की पुष्टि हुई। छानबीन के बाद पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।