फर्जी परीक्षक ने 12 कॉलेजों में ले लिया प्रैक्टिकल
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यूपी बोर्ड की प्रैक्टिकल परीक्षा में रोज नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं। मोबाइल से प्रैक्टिकल परीक्षा कराने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि फर्जी परीक्षक बनकर 12 एडेड कॉलेजों में प्रैक्टिकल कराने का नया मामला सामने आ गया है।
पोल तब खुली जब परीक्षक अमीनाबाद इंटर कॉलेज में रविवार को बायोलॉजी की प्रैक्टिकल परीक्षा कराने पहुंचा था। जैसे ही उसका फर्जीवाड़ा सामने आया, वह भाग निकला।
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. जेपी मिश्र ने अमीनाबाद कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवाई है। डीआईओएस ने कहा कि फर्जी परीक्षक ने जिन 12 कॉलेजों में प्रैक्टिकल लिया था, वहां दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।
प्रिंसिपल डॉ. जेपी मिश्र ने बताया कि रविवार को प्रैक्टिकल कराने के लिए तेजबहादुर वर्मा नाम का व्यक्ति पहुंचा। उसने खुद को प्रतापगढ़ के रानी उर्मिलो देवी डिग्री कॉलेज का शिक्षक बताया।
इस तरह पकड़ा गया
प्रैक्टिकल के लिए बोर्ड की ओर से कम्प्यूटराइज नियुक्ति पत्र जारी किए जाते हैं, जबकि उसके पास हाथ से बना हुआ नियुक्ति पत्र था और उस पर किसी के हस्ताक्षर भी नहीं थे। शक होने पर डॉ. मिश्र ने उससे उसके प्रिंसिपल का नाम पूछा तो वह बता नही पाया।
डॉ. मिश्र ने तत्काल डीआईओएस उमेश त्रिपाठी को जानकारी दी। कॉलेज पहुंचकर जब डीआईओएस ने फर्जी परीक्षक से पूछताछ की तो पता चला कि उसने बीएसएनवी, मुमताज, शिया, सुन्नी, ब्वॉयज एंग्लो बंगाली समेत 12 इंटर कॉलेज में बायोलॉजी के प्रैक्टिकल कराए हैं।
दोनों पुलिस से उसकी शिकायत करने वाले थे कि फर्जी परीक्षक वहां से भाग निकला।