{"_id":"5bf6923dbdec2241a111b114","slug":"a-building-collapsed-in-gomati-nagar-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ के गोमती नगर में भरभराकर ढह गई एक बिल्डिंग, हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ के गोमती नगर में भरभराकर ढह गई एक बिल्डिंग, हड़कंप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 22 Nov 2018 04:55 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिना सुरक्षित ढांचा के खड़ी की तीन मंजिला बिल्डिंग विरामखंड-5 गोमतीनगर में ताश के पत्तों की तरह अचानक ढह गई। गनीमत यह रही कि अंदर मौजूद करीब आधा दर्जन लोग सुरक्षित बाहर निकल गए। कुछ ही सेकंड के अंदर पूरी बिल्डिंग धराशाई हो गई।
विज्ञापन
लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका में एलडीए, राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ) की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन करती रहीं। ढही बिल्डिंग भाजपा नेता अशोक पांडेय के बेटे हर्षित पांडेय की है।
विज्ञापन
हुसड़िया चौराहा पर बने जीवन प्लाजा के सामने आवासीय भवन 5/21 को असुरक्षित तरीके से व्यावसायिक उपयोग के लिए कांप्लेक्स में बदला जा रहा था। पुलिस का कहना है कि कुछ दिन से यहां काम बंद था। आज जब काम चल रहा था तो राजू पुत्र घिरऊ निवासी मोतीपुर बहराइच, सोनू पुत्र रघुनाथ निवासी बालापुर रूपईडीहा, दिलीप पुत्र अंकुल यादव निवासी बालापुर रूपईडीहा शामिल हैं जो कि दयाल पैराडाइज के डिवाइडर पर रात के समय सोते हैं। बिल्डिंग गिरती देख यह लोग अंदर से निकल कर भागे।
विज्ञापन
एलडीए के अधिकारियों का कहना है कि यह भवन हर्षित पांडेय पुत्र अशोक पांडेय के नाम 1998 में आवंटित हुआ है। इस भवन के ढांचे पर ही असुरक्षित तरीके से तीसरी मंजिल का निर्माण कर लिया गया। इसके बाद चौथी मंजिल के निर्माण पर काम चल रहा था। अभी कई दिनों से काम बंद था। एलडीए इस बिल्डिंग को तोड़ने की तैयारी कर रहा था। हालांकि, ध्वस्तीकरण आदेश दो साल पुराना है जिसपर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई थी।