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नगर निगम ने रिलायंस को भेजा 21 करोड़ का बिल
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 01 Aug 2013 08:18 AM IST
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बिना रकम जमा किए मनमानी रोड कटिंग में जुटी रिलायंस जियो इंफोकाम को अब पूरा शुल्क जमा करना होगा।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने रिलायंस को करीब 21 करोड़ रुपये का बिल भेजा है। यह नोटिस अभी सिर्फ जोन चार में आने वाली सड़कों की कटिंग को लेकर जारी की गई है।
इस तरह अन्य जोनों में दी गई रोड कटिंग की अनुमति को देखते हुए यह रकम 100 करोड़ रुपए से ऊपर पहुंच जाएगी।
गौरतलब है कि निजी कंपनी को रोड कटिंग का पैसा जमा किए जाने से छूट के लिए मुख्य सचिव की ओर से बीते साल शासनादेश जारी किया गया था।
जिस पर पिछले माह उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है और शासनादेश पर सदन का निर्णय होने तक नगर निगम को रोड कटिंग का शुल्क वसूलने की छूट दी है।
इस आदेश के बाद जब महापौर व पार्षद ने उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने को लेकर नगर निगम को लिखा तो उसके बाद नगर अभियंता जोन चार कंवलजीत की ओर से रिलायंस जियो इनफोकाम को कोर्ट केआदेश के तहत रोड कटिंग का पैसा जमा करने केलिए नोटिस भेजी गई ओर इसकी सूचना महापौर व पार्षद को भी दी गई।
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नगर अभिंयता की ओर कंपनी को जो नोटिस जारी की गई, उसमें बताया गया कि कंपनी को केबिल बिछाने केलिए 66960 वर्ग मीटर रोड कटिंग की अनुमति दी गई है।
मौजूदा रोड कटिंग रेट 3129 रुपए प्रति वर्गमीटर के हिसाब से कम्पनी पर 20 करोड़ 95 लाख 17 हजार 840 रुपए शुल्क बनता है। जिसे जल्द से जल्द जमा किया जाए।
ज्ञात हो कि सरकारी कंपनी बीएसएनएल की तरह निजी फोन कंपनी को भी रोड कटिंग में छूट दिए जाने को लेकर महापौर व निगम पार्षद लगातार विरोध करते आ रहे हैं लेकिन शासन का आदेश होने के कारण उनकी सुनी नहीं जा रही थी।
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इनका कहना था कि निजी कंपनी अपने फायदे के लिए काम करती है ऐसे में उसको छूट दिए जाने का कोई मतलब नहीं है। जिसको लेकर पूर्व पार्षद अरुण तिवारी ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में जनहित याचिका दायर की थी।