फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   3 ssp shunt 215 station officers

दो साल में तीन एसएसपी ने बदल डाले 215 एसओ

Mon, 22 Jul 2013 12:20 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 22 Jul 2013 12:20 PM IST
विज्ञापन
3 ssp shunt 215 station officers

राजधानी के पुलिस कप्तानों के लिए थानाध्यक्ष ताश के पत्ते बनकर रह गए हैं। पिछले दो वर्षों के दौरान तैनात तीन एसएसपी ने 215 थानाध्यक्ष बदले।

विज्ञापन


इससे राजधानी के 154 थाने प्रभावित हुए। जबकि आदेश है कि एक थानाध्यक्ष का न्यूनतम कार्यकाल कम से कम दो वर्ष होना चाहिए। आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर की सूचना से यह खुलासा हुआ है।
विज्ञापन


प्रभावित हुए कई जिले

डॉ. ठाकुर ने इन फेरबदल पर सवाल उठाते हुए डीजीपी से शिकायत की है। डॉ. ठाकुर के मुताबिक जिले के 42 थानों के लिए दो सालों में थानाध्यक्षों के तबादले संबंधित 72 आदेश जारी हुए। इन आदेशों में 215 थानाध्यक्षों का तबादला हुआ और 154 थाने इससे प्रभावित हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस अवधि में डी के ठाकुर, आशुतोष पांडेय और आर के चतुर्वेदी लखनऊ के एसएसपी रहे। डीके ठाकुर वर्ष 2011 में पूरे समय नियुक्त रहे और उन्होंने 37 आदेश जारी कर 77 थानाध्यक्ष का तबादला किया।

इससे 62 थाने प्रभावित हुए। आशुतोष पांडेय ने मार्च से जुलाई 2012 के कार्यकाल में 23 आदेश से 89 थानाध्यक्षों का तबादला हुआ, जिससे 56 थाने प्रभावित हुए। अगस्त 2012 से आगे चतुर्वेदी ने 12 आदेश में 49 थानाध्यक्षों के तबादले किए, जिससे 36 थाने प्रभावित हुए।

इस दौरान एक ही थानाध्यक्ष का कई बार तबादला भी किया गया। इंस्पेक्टर शारंगधर द्विवेदी कानून व्यवस्था में फेल होने पर 30 जुलाई 2011 को बाजारखाला से हटाये गए और डेढ़ माह बाद उन्हीं एसएसपी उनको इंस्पेक्टर नाका बना दिया। इसी आधार पर आठ मई 2012 को वजीरगंज से हटाये गए वीर सिंह को 30 अक्टूबर को महानगर तैनात कर दिया गया।

रविन्द्र नाथ राय 10 फ़रवरी 2011 को निगोहा के एसओ बनाए गए, 18 मार्च को विकासनगर और फिर 24 अप्रैल 2012 को सर्विलांस सेल भेज दिया गया। ब्रजेश कुमार सिंह 23 मार्च 2011 को इटौंजा, आठ जून को बीकेटी और 22 अक्टूबर को गोसाईगंज के एसओ बनाए गए।

तबादले के बाद भी फिर हुई तैनाती
निरीक्षक कुलदीप कुमार 21 जून 2011 को हसनगंज, 22 सितंबर को हुसैनगंज और 22 अप्रैल 2012 को अमीनाबाद के इंस्पेक्टर बनाए गए। राम विशाल यादव आठ अप्रैल 2012 को पुलिस लाइन से पारा भेजे गए, उसी दिन तबादला निरस्त हुआ। लेकिन दो दिन बाद फिर पारा एसओ बन गए।

राम सनेही यादव 24 मई 2012 को चिनहट, नौ जुलाई को मोहनलालगंज, 31 अगस्त को पुलिस लाइन और 12 सितंबर को कृष्णानगर के इंस्पेक्टर बनाए गए। विनोद यादव 25 मार्च 2012 को सरोजनीनगर, नौ जुलाई को आलमबाग, 12 सितम्बर को तालकटोरा और 22 दिसंबर को बीकेटी एसओ बने।


नोवेंद्र सिंह आठ अगस्त 2012 को विभूतिखंड से चिनहट, 12 सितम्बर को अलीगंज और 20 अक्टूबर को गाजीपुर के एसओ बने। डॉ. ठाकुर ने इस स्थिति को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना बताते हुए डीजीपी यूपी से संबंधित एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

यह है आदेश
यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 26 दिसंबर 2010 को शासनादेश द्वारा थानाध्यक्ष का न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष किया था और इससे पहले हटाये जाने पर तबादले का स्पष्ट कारण लिखित रूप से बताने के निर्देश दिए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed