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Lucknow News: चार दिन डिजिटल अरेस्ट कर 95 लाख वसूले
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लखनऊ। इंदिरानगर के सेक्टर-14 निवासी 83 वर्षीय सेना से सेवानिवृत्त बद्री प्रसाद को जालसाजों ने एनआईए अधिकारी बनाकर चार दिन डिजिटल अरेस्ट रखकर 95 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़ित की तहरीर पर 15 अप्रैल को साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने ठगे की रकम में से 20 लाख रुपये फ्रिज करा दिए हैं।
एसीपी साइबर क्राइम सौम्या पांडेय ने बताया कि बद्री प्रसाद के पास छह अप्रैल को अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को एनआईए का अधिकारी बताया। उसने बद्री प्रसाद पर आतंकियों की मदद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। यह सुनकर बद्री प्रसाद डर गए।
इसके बाद जालसाजों ने पूछताछ के नाम पर बद्री प्रसाद को डिजिटल अरेस्ट रखा और कई दस्तावेज दिखाकर धमकाया। अंत में परेशान बुजुर्ग को सजा से बचाने के नाम पर रुपये मांगे। इस दौरान पीड़ित को परिजनों से संपर्क नहीं करने दिया। सहमे बद्री प्रसाद ने आरोपियों के बताए खातों में 95 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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बैंक खातों के बारे में पता लगा रही है
पुलिस एसीपी साइबर क्राइम ने बताया कि 15 अप्रैल को बद्री प्रसाद ने साइबर थाने आकर शिकायत की। धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकाने और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए, उनकी डिटेल बैंक से ली जा रही है। पुलिस 20 लाख रुपये फ्रीज भी करा चुकी है।
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एसीपी साइबर क्राइम सौम्या पांडेय ने बताया कि बद्री प्रसाद के पास छह अप्रैल को अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को एनआईए का अधिकारी बताया। उसने बद्री प्रसाद पर आतंकियों की मदद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। यह सुनकर बद्री प्रसाद डर गए।
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इसके बाद जालसाजों ने पूछताछ के नाम पर बद्री प्रसाद को डिजिटल अरेस्ट रखा और कई दस्तावेज दिखाकर धमकाया। अंत में परेशान बुजुर्ग को सजा से बचाने के नाम पर रुपये मांगे। इस दौरान पीड़ित को परिजनों से संपर्क नहीं करने दिया। सहमे बद्री प्रसाद ने आरोपियों के बताए खातों में 95 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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बैंक खातों के बारे में पता लगा रही है
पुलिस एसीपी साइबर क्राइम ने बताया कि 15 अप्रैल को बद्री प्रसाद ने साइबर थाने आकर शिकायत की। धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकाने और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए, उनकी डिटेल बैंक से ली जा रही है। पुलिस 20 लाख रुपये फ्रीज भी करा चुकी है।