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मिशन-2019 फतह के लिए बूथों की मजबूती पर दें जोर : प्रियंका
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मिशन-2019 फतह के लिए बूथों की मजबूती पर दें जोर : प्रियंका
रायबरेली। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा ने मिशन-2019 की सफलता के लिए बूथों की मजबूती पर जोर दिया है। जिले के कांग्रेसियों से बुधवार को लखनऊ में मुलाकात कर प्रियंका ने न सिर्फ चुनावी नब्ज टटोली, बल्कि रायबरेली और अमेठी से दिली रिश्ते की बात भी दोहराई।
उन्होंने दो टूक कहा कि इन दो जिलों में हम अन्य विपक्षी दलों से बेहतर हैं, लेकिन इसे और मजबूत करने की जरूरत है। पिछली बार से इस बार के चुनाव में ज्यादा वोट अपने पाले में किए जाएं। हर बूथ पर दस-दस लोगों की अलग से टीम बनाई जाए। अभी से कमर कसें और बेहतर तरीके से कार्य करें।
तीन दिनी दौरे पर लखनऊ पहुंचीं प्रियंका वाड्रा ने मंगलवार रात सांसद सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरीलाल शर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीके शुक्ल, गणेश शंकर पांडेय, कल्याण सिंह गांधी समेत अन्य कांग्रेसियों से मुलाकात कर संगठन के कामकाज की न सिर्फ समीक्षा की, बल्कि चुनाव को लेकर मंथन भी किया।
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उन्होंने जानने की कोशिश की कि इस बार जिले में लोकसभा चुनाव की फिजा क्या है। कितने बूथ हैं। बूथों पर कांग्रेस की क्या स्थिति है। पिछले लोकसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार क्या प्रयास किए जाएं कि अधिक मत हासिल हों।
एक घंटे से ज्यादा समय तक चली बैठक में प्रियंका का पूरा फोकस बूथों को मजबूत करना था। यही वजह रही कि उन्होंने बूथों पर अधिक से अधिक वोट पड़ें, इसके लिए हर बूथ पर अलग से दस-दस लोगों की टीम बनाने का सुझाव दिया।
कौन पदाधिकारी कितने दिनों से पार्टी से जुड़ा रहा, उसके परिवार से भी कोई पार्टी से जुड़ा रहा कि नहीं, उसने पार्टी में रहते हुए क्या कार्य किए, किस पद पर रहे, इस बारे में भी प्रियंका ने विस्तार से जानकारी ली। कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीके शुक्ल का कहना है कि प्रियंका वाड्रा से मुलाकात हुई।
उन्होंने रायबरेली और अमेठी से अपना और अपने परिवार का दिली रिश्ता बताया। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अभी से कमर कसने का आह्वान किया। बैठक ठीक रही।
जिलाध्यक्ष का कहना है कि रायबरेली और अमेठी में तो पहले से ही पार्टी की स्थिति ठीक रही है। वैसे भी प्रियंका वाड्रा जिले की लोकसभा क्षेत्र प्रभारी भी रही हैं। ऐसे में उन्हें पहले से ही संगठन की पूरी जानकारी है।
प्रियंका वाड्रा रायबरेली और अमेठी पर पूरी नजर रख रही हैं। उनका प्रयास है कि इस बार इन जिलों में भारी अंतर से जीत हासिल की जाए। इसके लिए वह संगठन का पूरा फीडबैक ले रही हैं।
उन्होंने पूर्व विधायक अशोक सिंह, अजय पाल सिंह के साथ ही सदर विधायक अदिति सिंह से भी मुलाकात की और संगठन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आह्वान किया कि अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ा जाए।
गांवों में जाकर विपक्षी पार्टी की खामियां जनता को बताई जाएं। यूपीए सरकार में किए गए कार्यों का भी जिक्र किया जाए।
महासचिव बनने के बाद प्रियंका वाड्रा का रायबरेली आगमन जल्द हो सकता है। कहा जा रहा है कि इसको लेकर अंदर ही अंदर तैयारियां भी चल रही हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष का कहना है कि मुलाकात के दौरान प्रियंका ने कहा कि वह जल्द ही रायबरेली आएंगी और अपनी मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र की जनता से मिलने के साथ ही संगठन के कामकाज की पूरी जानकारी लेंगी। उनका कहना है कि फरवरी में ही उम्मीद है कि प्रियंका अपनी मां के संसदीय क्षेत्र आएंगी।
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रायबरेली। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा ने मिशन-2019 की सफलता के लिए बूथों की मजबूती पर जोर दिया है। जिले के कांग्रेसियों से बुधवार को लखनऊ में मुलाकात कर प्रियंका ने न सिर्फ चुनावी नब्ज टटोली, बल्कि रायबरेली और अमेठी से दिली रिश्ते की बात भी दोहराई।
उन्होंने दो टूक कहा कि इन दो जिलों में हम अन्य विपक्षी दलों से बेहतर हैं, लेकिन इसे और मजबूत करने की जरूरत है। पिछली बार से इस बार के चुनाव में ज्यादा वोट अपने पाले में किए जाएं। हर बूथ पर दस-दस लोगों की अलग से टीम बनाई जाए। अभी से कमर कसें और बेहतर तरीके से कार्य करें।
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तीन दिनी दौरे पर लखनऊ पहुंचीं प्रियंका वाड्रा ने मंगलवार रात सांसद सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरीलाल शर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीके शुक्ल, गणेश शंकर पांडेय, कल्याण सिंह गांधी समेत अन्य कांग्रेसियों से मुलाकात कर संगठन के कामकाज की न सिर्फ समीक्षा की, बल्कि चुनाव को लेकर मंथन भी किया।
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उन्होंने जानने की कोशिश की कि इस बार जिले में लोकसभा चुनाव की फिजा क्या है। कितने बूथ हैं। बूथों पर कांग्रेस की क्या स्थिति है। पिछले लोकसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार क्या प्रयास किए जाएं कि अधिक मत हासिल हों।
एक घंटे से ज्यादा समय तक चली बैठक में प्रियंका का पूरा फोकस बूथों को मजबूत करना था। यही वजह रही कि उन्होंने बूथों पर अधिक से अधिक वोट पड़ें, इसके लिए हर बूथ पर अलग से दस-दस लोगों की टीम बनाने का सुझाव दिया।
कौन पदाधिकारी कितने दिनों से पार्टी से जुड़ा रहा, उसके परिवार से भी कोई पार्टी से जुड़ा रहा कि नहीं, उसने पार्टी में रहते हुए क्या कार्य किए, किस पद पर रहे, इस बारे में भी प्रियंका ने विस्तार से जानकारी ली। कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीके शुक्ल का कहना है कि प्रियंका वाड्रा से मुलाकात हुई।
उन्होंने रायबरेली और अमेठी से अपना और अपने परिवार का दिली रिश्ता बताया। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अभी से कमर कसने का आह्वान किया। बैठक ठीक रही।
जिलाध्यक्ष का कहना है कि रायबरेली और अमेठी में तो पहले से ही पार्टी की स्थिति ठीक रही है। वैसे भी प्रियंका वाड्रा जिले की लोकसभा क्षेत्र प्रभारी भी रही हैं। ऐसे में उन्हें पहले से ही संगठन की पूरी जानकारी है।
प्रियंका वाड्रा रायबरेली और अमेठी पर पूरी नजर रख रही हैं। उनका प्रयास है कि इस बार इन जिलों में भारी अंतर से जीत हासिल की जाए। इसके लिए वह संगठन का पूरा फीडबैक ले रही हैं।
उन्होंने पूर्व विधायक अशोक सिंह, अजय पाल सिंह के साथ ही सदर विधायक अदिति सिंह से भी मुलाकात की और संगठन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आह्वान किया कि अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ा जाए।
गांवों में जाकर विपक्षी पार्टी की खामियां जनता को बताई जाएं। यूपीए सरकार में किए गए कार्यों का भी जिक्र किया जाए।
महासचिव बनने के बाद प्रियंका वाड्रा का रायबरेली आगमन जल्द हो सकता है। कहा जा रहा है कि इसको लेकर अंदर ही अंदर तैयारियां भी चल रही हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष का कहना है कि मुलाकात के दौरान प्रियंका ने कहा कि वह जल्द ही रायबरेली आएंगी और अपनी मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र की जनता से मिलने के साथ ही संगठन के कामकाज की पूरी जानकारी लेंगी। उनका कहना है कि फरवरी में ही उम्मीद है कि प्रियंका अपनी मां के संसदीय क्षेत्र आएंगी।