{"_id":"594ff42b4f1c1b16058b4694","slug":"91498412075-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सम्मान
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकतंत्र रक्षक सेनानियों का सम्मान
बहराइच। सेनानी भवन के सभागार में रविवार को बहराइच विकास मंच के तत्वावधान में लोकतंत्र रक्षक सेनानियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर मंच के पदाधिकारियों ने जिले के लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का आरंभ लोकतंत्र रक्षक सेनानी के अध्यक्ष पंडित हनुमान प्रसाद शर्मा को माला पहनाकर किया गया। इस दौरान पंडित हनुमान शर्मा ने कहा कि वर्ष 1975 की 25 व 26 जून को लोकतंत्र को कुचलने का कुचक्र कांग्रेसी हुकूमत ने रचा था, जिसके विरोध के चलते सभी को जेल में डाल दिया गया था। लोकतंत्र रक्षक सेनानी रामतेज यादव ने कहा कि पूर्व की सपा सरकार ने सभी को लोकतंत्र रक्षक का दर्जा देकर मानदेय देने का कार्य किया था। जबकि अखिलेश सरकार ने सभी की मानदेय की रकम बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी थी। सेनानी नेता क्रांति कुमार सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पूर्व देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि केंद्र में सरकार बनने के बाद लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का दर्जा दिलाया जाएगा, लेकिन सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री अपना वादा भूल गए। कार्यक्रम के अंत में मंच के अध्यक्ष राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने वाले सेनानियों का सम्मान कभी भूलना चाहिए। इसी उद्देश्य को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस मौके पर सरदार जोगेंद्र सिंह, अजय सिंह बिसेन, राममिलन, बालकानंद वर्मा, आदित्यभान सिंह, विनय पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बहराइच। सेनानी भवन के सभागार में रविवार को बहराइच विकास मंच के तत्वावधान में लोकतंत्र रक्षक सेनानियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर मंच के पदाधिकारियों ने जिले के लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का आरंभ लोकतंत्र रक्षक सेनानी के अध्यक्ष पंडित हनुमान प्रसाद शर्मा को माला पहनाकर किया गया। इस दौरान पंडित हनुमान शर्मा ने कहा कि वर्ष 1975 की 25 व 26 जून को लोकतंत्र को कुचलने का कुचक्र कांग्रेसी हुकूमत ने रचा था, जिसके विरोध के चलते सभी को जेल में डाल दिया गया था। लोकतंत्र रक्षक सेनानी रामतेज यादव ने कहा कि पूर्व की सपा सरकार ने सभी को लोकतंत्र रक्षक का दर्जा देकर मानदेय देने का कार्य किया था। जबकि अखिलेश सरकार ने सभी की मानदेय की रकम बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी थी। सेनानी नेता क्रांति कुमार सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पूर्व देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि केंद्र में सरकार बनने के बाद लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का दर्जा दिलाया जाएगा, लेकिन सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री अपना वादा भूल गए। कार्यक्रम के अंत में मंच के अध्यक्ष राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने वाले सेनानियों का सम्मान कभी भूलना चाहिए। इसी उद्देश्य को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस मौके पर सरदार जोगेंद्र सिंह, अजय सिंह बिसेन, राममिलन, बालकानंद वर्मा, आदित्यभान सिंह, विनय पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन