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Lucknow News: 52 आपत्तियों में 90 फीसदी में प्रस्तावित सर्किल रेट बढ़ाने की मांग

Wed, 03 Jun 2026 02:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 02:15 AM IST
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90% of the 52 objections demanded an increase in the proposed circle rate
लखनऊ। प्रस्तावित सर्किल रेट पर दावा-आपत्ति दाखिल करने की प्रक्रिया मंगलवार को समाप्त हो गई। जिला प्रशासन को 52 आपत्तियां मिली हैं। इनमें से करीब 90 फीसदी में प्रस्तावित सर्किल रेट को कम बताते हुए दरों में और बढ़ोतरी की मांग की गई है।
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डीएम ने हाल ही में 332 गांवों की कृषि भूमि के बढ़ाए सर्किल रेट के प्रस्ताव की सूची जारी करते हुए आमजन से इस पर दो जून तक आपत्तियां मांगी थीं। प्रशासन को 52 आपत्तियां मिली हैं। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी आपत्तियों का अध्ययन किया जा रहा है। प्रथम दृष्ट्या ज्यादातर आपत्तियों में किसानों ने प्रशासन की ओर से बढ़ाए गए सर्किल रेट को कम बताते हुए इसे और बढ़ाने की मांग की है। करीब 10 फीसदी आपत्तियां उन गांवों के किसानों ने भी दाखिल की हैं, जहां प्रशासन ने इस बार सर्किल रेट में कोई वृद्धि प्रस्तावित नहीं की है। यहां के लोगों ने भी अपने गांवों की दरों में बढ़ोतरी की मांग उठाई है।
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राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी 52 आपत्तियों का निस्तारण बुधवार सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में किया जाएगा। प्रशासन ने आपत्तिकर्ताओं को सुनवाई के लिए बुलाया है, जहां वे अपना पक्ष रख सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संशोधित सर्किल रेट को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार नए सर्किल रेट चार जून से लागू हो जाएंगे। इससे जिले में जमीन और मकानों के पंजीकरण मूल्य तथा स्टांप शुल्क पर सीधा असर पड़ेगा।
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...इसलिए किसान चाहते हैं सर्किल रेट बढ़े

आमतौर पर रजिस्ट्री के दौरान क्रेता-विक्रेता सर्किल रेट पर ही भूमि खरीदना-बेचना चाहते हैं। इसकी वजह यह है कि जितना सर्किल रेट कम होगा, उतना कम स्टांप शुल्क लगेगा। तय रेट के आधार पर सर्किल से अतिरिक्त रकम विक्रेता सीधे खाते में नहीं लेकर नकद में ले लेता है। आपत्तिकर्ता किसान सर्किल रेट और बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि प्रशासन ने जो 332 गांवों का सर्किल रेट बढ़ाया है उनमें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे समेत अन्य विकास की परियोजनाओं के तहत किसानों से जमीन ली जानी है। नियमानुसार मुआवजा सर्किल रेट का चार गुना मिलता है। ऐसे में जितना अधिक सर्किल रेट होगा, उतना अधिक मुआवजा किसानों को मिल सकेगा।




प्रशासन को भी होगा लाभ

जिले में पिछले वर्ष अगस्त में दस साल बाद सर्किल रेट बढ़ाया गया था। पिछले साल जिले की राजस्व आय का लक्ष्य 4120 करोड़ रुपये वार्षिक था, जो इस वर्ष 4950 करोड़ रुपये कर दिया गया है। जिला प्रशासन के सामने राजस्व आय को बढ़ाना किसी चुनौती से कम नहीं था। उधर, जिन गांवों के आसपास विभिन्न योजनाओं के लिए प्रशासन किसानों से जमीन लेना चाहता है वहां सर्किल रेट से कई गुना बाजार भाव है। इस कारण किसान भूमि देने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने 332 गांवों का सर्किल रेट बढ़ाया है।
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