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गणतंत्र दिवस के मौके पर रिहा किए गए 83 कैदी, राज्यपाल से मिलीं महिला कैदी
Fri, 29 Jan 2021 11:22 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 29 Jan 2021 11:22 AM IST
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राज्यपाल आनंदी बेन पटेल
- फोटो : अमर उजाला
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गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद 83 कैदियों को रिहा कर दिया गया। नारी बंदी निकेतन लखनऊ से रिहा हुईं 24 महिला कैदियों ने बृहस्पतिवार को प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात की। इस मौके पर राज्यपाल ने रिहा हुई महिलाओं को शॉल और अन्य उपहार भेंट किए और वचन लिया कि भविष्य में अब वे कोई अपराध नहीं करेंगी। इस मौके पर डीजी जेल आनंद कुमार ने सजायाफ्ता बुजुर्गों, बीमारों, महिलाओं और लाचारों की रिहाई के लिए राज्यपाल का आभार जताया।
उन्होंने कारागार विभाग की ओर से स्मृति चिह्न भी भेंट किया। इस मौके पर नारी बंदी निकेतन की प्रभारी अधीक्षिका नयनतारा बनर्जी भी मौजूद थीं। आनंद कुमार ने बताया कि शासन स्तर पर ऐसे ही कुछ अन्य कैदियों को रिहाई के प्रयास किए जा रहे हैं।
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उन्होंने कारागार विभाग की ओर से स्मृति चिह्न भी भेंट किया। इस मौके पर नारी बंदी निकेतन की प्रभारी अधीक्षिका नयनतारा बनर्जी भी मौजूद थीं। आनंद कुमार ने बताया कि शासन स्तर पर ऐसे ही कुछ अन्य कैदियों को रिहाई के प्रयास किए जा रहे हैं।
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रिहाई के बाद सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं महिला कैदी : राज्यपाल
गणतंत्र दिवस के असवार पर नारी बंदी निकेतन की 24 महिला कैदियों को रिहा किया गया। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को राजभवन में रिहा होने वाली इन महिला कैदियों को साड़ी, शॉल और मिठाई भेंट कर कहा कि अब वह अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करें।
इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने लंबी सजा के कुल 83 बंदियों की रिहाई के आदेश दिए हैं। इनमें 30 महिला बंदी शामिल हैं। इन्हीं 30 में से 24 महिला बंदियों को बुधवार को रिहा किया गया जिनको राजभवन लाया गया था। यहां हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वह सभी कारागार से मुक्त होकर अपने परिवार के पास जा रही हैं। उनको संकल्प लेना चाहिये कि जिस किसी कारण से उनसे अपराध हो गये हैं उनकी अब कभी पुनरावृत्ति नहीं करेंगी। राज्यपाल ने कहा कि कारागार में उन्होंने अपनी-अपनी रुचि के अनुसार हुनर सीखे हैं। अपनी जीविका के साथ-साथ परिवार के लोगों को भी यह हुनर सिखाना है ताकि वह भी स्वावलम्बी बन सकें।
राज्यपाल ने कहा कि रिहा होने वाली सभी महिला बंदियों के खातों में कारागार विभाग ने उनके द्वारा कमाई धनराशि उन सबके खाते में डाल दी गयी है। उन्होंने कहा कि उचित होगा कि अपनी आय की धनराशि अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में उपयोग करें। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार हुनरमंदों के लिए अनेक योजनाएं भी चला रही है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, महानिदेशक कारागार आनंद कुमार, अपर महानिदेशक जेल शरद कुमार कुलश्रेष्ठ सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने लंबी सजा के कुल 83 बंदियों की रिहाई के आदेश दिए हैं। इनमें 30 महिला बंदी शामिल हैं। इन्हीं 30 में से 24 महिला बंदियों को बुधवार को रिहा किया गया जिनको राजभवन लाया गया था। यहां हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वह सभी कारागार से मुक्त होकर अपने परिवार के पास जा रही हैं। उनको संकल्प लेना चाहिये कि जिस किसी कारण से उनसे अपराध हो गये हैं उनकी अब कभी पुनरावृत्ति नहीं करेंगी। राज्यपाल ने कहा कि कारागार में उन्होंने अपनी-अपनी रुचि के अनुसार हुनर सीखे हैं। अपनी जीविका के साथ-साथ परिवार के लोगों को भी यह हुनर सिखाना है ताकि वह भी स्वावलम्बी बन सकें।
राज्यपाल ने कहा कि रिहा होने वाली सभी महिला बंदियों के खातों में कारागार विभाग ने उनके द्वारा कमाई धनराशि उन सबके खाते में डाल दी गयी है। उन्होंने कहा कि उचित होगा कि अपनी आय की धनराशि अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में उपयोग करें। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार हुनरमंदों के लिए अनेक योजनाएं भी चला रही है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, महानिदेशक कारागार आनंद कुमार, अपर महानिदेशक जेल शरद कुमार कुलश्रेष्ठ सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।