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बाराबंकी महायोजना से बदलेगी शहर की सूरत

Sun, 30 Sep 2018 12:34 AM IST
Updated Sun, 30 Sep 2018 12:34 AM IST
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बाराबंकी महायोजना से बदलेगी शहर की सूरत
बाराबंकी महायोजना से बदलेगी शहर की सूरत
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बाराबंकी। प्रदेश की राजधानी से सटे शहर में बढ़ती आबादी के बीच अब इसका विकास दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर करने की तैयारी शुरू की गई है। वर्ष 2001 में 20 साल के लिए बनाई गई बाराबंकी महायोजना का अब फिर से विस्तार किया जाएगा।


एसडीएम सदर (आईएएस) अजय द्विवेदी के निर्देशन में इस महायोजना का एक बार फिर से विस्तार करने के लिए सर्वे शुरू किया गया है। सर्वे के बाद शहर में विकास कार्य कराने के लिए करीब सौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। जिसके बाद शहर को एक नया रूप मिलेगा।
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बताते चलें कि वर्ष 2001 में बाराबंकी महायोजना बनाई गई थी जिसके तहत शहर में बढ़ती आबादी का दायरा तय किया गया था। कुछ दिनों तक इस महायोजना पर काम हुआ लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया योजना की फाइलें सरकारी दफ्तरों में कैद होकर रह गईं।
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इस समय हाल ये है कि जो क्षेत्र ग्रीन बेल्ट या फिर कॉमर्शियल थे वहां भी मकान खड़े हो गए हैं। ऐसे में बिना नक्शा पास करे बने इन मकानों पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई भी की जा सकती है।


मगर इस बीच शहर की बढ़ती आबादी व नगर पालिका परिषद का दायरा बढ़ने के बाद एक बार फिर से बाराबंकी महायोजना पर काम शुरू हो रहा है। शहर में करीब चार लाख की आबादी होने के चलते ग्रामीण इलाकों तक कालोनियां विकसित हो चुकी हैं।


दोबारा शुरू हो रही महायोजना के तहत शहर के चारों ओर विकसित हुई कॉलोनियों का सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद यहां रहने वाले सभी लोगों को उनके मकान का नक्शा पास कराने का मौका दिया जाएगा जिससे ये कॉलोनियां शहर का हिस्सा बन सकें। नक्शा पास कराने में किसी को कोई दिक्कत न हो इसके लिए भी तहसील स्तर पर सुधार किया जा रहा है।


महायोजना के तहत लखनऊ बॉर्डर से बाराबंकी शहर व फैजाबाद और बहराइच मार्ग पर पीएसी परिसर तक सड़क पर एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इसके अलावा सफेदाबाद से आलापुर, कुरौली व शहर से लेकर पल्हरी चौराहे के बीच सड़क पर डिवाइडर भी बनेंगे।


इसके अलावा खाली जमीनें चिह्नित कर वहां पार्क बनवाए जाएंगे। ताकि शहर के लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसके साथ ही सड़कों व अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी बढ़ावा देने का काम होगा। कोशिश होगी कि शहर के चारों तरफ जितनी भी नई कॉलोनियां बनी हैं उन्हें इस महायोजना में शामिल कर विकसित किया जा सके।


लखनऊ मेट्रो का भले ही अभी राजधानी के चिनहट तक ही विस्तार किया जा रहा हो मगर भविष्य में इसे बाराबंकी तक विस्तारित किया जा सकता है। चिनहट व बाराबंकी के बीच में करीब 15 किलोमीटर की ही दूरी है मगर फैलती आबादी से बाराबंकी अब लखनऊ का ही हिस्सा लगता है।



ऐसे में लखनऊ मेट्रो को बाराबंकी तक संचालित कराने का पुरजोर प्रयास किया जाएगा। हालांकि अभी लखनऊ व बाराबंकी के बीच में सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है।


एसडीएम सदर (आईएएस) अजय द्विवेदी ने बताया कि, बाराबंकी महायोजना का फिर से विस्तार कराने के लिए शहर का सर्वे कराया जा रहा है।


शहर में विकसित सभी नई कॉलोनियों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें व हर किसी के मकान का नक्शा आसानी से पास हो, ये प्रयास किया जा रहा है।


महायोजना का सर्वे होने के बाद शहर के विकास पर करीब सौ करोड़ से भी अधिक के बजट की जरूरत है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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