{"_id":"6019b8dd8ebc3e3bd5128c3b","slug":"8000-employees-salary-could-not-be-generated-due-to-app-lucknow-news-lko5628827136","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम में एप ने फंसाया आठ हजार कर्मियों का वेतन, बिल की जांच करने में आ रही समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम में एप ने फंसाया आठ हजार कर्मियों का वेतन, बिल की जांच करने में आ रही समस्या
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। एप के फेर में नगर निगम के करीब आठ हजार कर्मचारियों का वेतन फंस गया है। बाबू और उनसे ऊपर के कर्मचारियों के लिए एप से हाजिरी अनिवार्य है। हालांकि, अब नगर निगम को वेतन बिल की जांच करने में ही समस्या आ रही है, जिससे सभी कर्मचारियों का वेतन रुक गया है। ऐसे में उन कर्मचारियों में नाराजगी है जो आदेश होने के बाद से एप से हाजिरी लगा रहे हैं।
नगर निगम ने जनवरी में एप से हाजिरी लगाने की व्यवस्था लागू की है, लेकिन अब वेतन बनाने वालों को एक-एक कर्मचारी का ब्योरा जुटाने में पसीना छूट रहा है। जो कर्मचारी लेट आए या जिन्होंने एप से हाजिरी नहीं लगाई उनका वेतन रोकना है। वहीं, लेट आने वाले उन कर्मचारियों का भी वेतन जारी करना है, जिन्होंने प्रशासन केे नोटिस का जवाब दे दिया और प्रशासन उससे संतुष्ट है। अब आठ हजार कर्मचारियों की अलग-अलग रिपोर्ट बनाने में मुसीबत हो रही है। बिना परीक्षण के वेतन जारी करने को लेकर नगर निगम प्रशासन तैयार नहीं है। ऐेसे में सभी का वेतन रुक गया है। नगर आयुक्त अजय द्विवेदी के मुताबिक एप से हाजिरी को लेकर जो निर्देश मिले थे, उसके अनुपालन के आधार पर ही कर्मचारियों को वेतन जारी होगा। इसका परीक्षण किया जा रहा है।
कई तरह की समस्याएं गिनाईं जा रही
एप से हाजिरी सिस्टम की जानकारी रखने वाले कर्मचारी ने बताया कि करीब दस प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी अलग-अलग समस्याएं हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं जिन्होंने एप से डाउनलोड करने के बाद फोन बदल दिया तो समस्या आई। इसी ऐसे कर्मचारी हैं जो बताते हैं कि एप बहुत धीरे काम करता है। इससे वे समय से कार्यालय आने के बाद भी ऑनलाइन हाजिरी लगाने में लेट हो जाते हैं।
विज्ञापन
अवकाश का विकल्प नहीं
स्मार्ट सिटी 311 एप से अभी हाजिरी लगाने का ही विकल्प है। ऐसे में अवकाश के लिए कर्मचारियों को मैनुअल ही आवेदन करना है। कर्मचारियों का कहना है कि पूरी तरह से अपडेट कर एप लागू करना चाहिए था। कर्मी निगम कार्यालयों को वाई-फाई युक्त करने की भी मांग भी कर रहे हैं, जिससे समय से हाजिरी लग सके।
विज्ञापन
नगर निगम ने जनवरी में एप से हाजिरी लगाने की व्यवस्था लागू की है, लेकिन अब वेतन बनाने वालों को एक-एक कर्मचारी का ब्योरा जुटाने में पसीना छूट रहा है। जो कर्मचारी लेट आए या जिन्होंने एप से हाजिरी नहीं लगाई उनका वेतन रोकना है। वहीं, लेट आने वाले उन कर्मचारियों का भी वेतन जारी करना है, जिन्होंने प्रशासन केे नोटिस का जवाब दे दिया और प्रशासन उससे संतुष्ट है। अब आठ हजार कर्मचारियों की अलग-अलग रिपोर्ट बनाने में मुसीबत हो रही है। बिना परीक्षण के वेतन जारी करने को लेकर नगर निगम प्रशासन तैयार नहीं है। ऐेसे में सभी का वेतन रुक गया है। नगर आयुक्त अजय द्विवेदी के मुताबिक एप से हाजिरी को लेकर जो निर्देश मिले थे, उसके अनुपालन के आधार पर ही कर्मचारियों को वेतन जारी होगा। इसका परीक्षण किया जा रहा है।
विज्ञापन
कई तरह की समस्याएं गिनाईं जा रही
एप से हाजिरी सिस्टम की जानकारी रखने वाले कर्मचारी ने बताया कि करीब दस प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी अलग-अलग समस्याएं हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं जिन्होंने एप से डाउनलोड करने के बाद फोन बदल दिया तो समस्या आई। इसी ऐसे कर्मचारी हैं जो बताते हैं कि एप बहुत धीरे काम करता है। इससे वे समय से कार्यालय आने के बाद भी ऑनलाइन हाजिरी लगाने में लेट हो जाते हैं।
विज्ञापन
अवकाश का विकल्प नहीं
स्मार्ट सिटी 311 एप से अभी हाजिरी लगाने का ही विकल्प है। ऐसे में अवकाश के लिए कर्मचारियों को मैनुअल ही आवेदन करना है। कर्मचारियों का कहना है कि पूरी तरह से अपडेट कर एप लागू करना चाहिए था। कर्मी निगम कार्यालयों को वाई-फाई युक्त करने की भी मांग भी कर रहे हैं, जिससे समय से हाजिरी लग सके।