72,825 शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट का हुक्म भी बेअसर?
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर प्राइमरी स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती करने की मांग को लेकर टीईटी उत्तीर्ण 3 जून को विधानभवन का घेराव करेंगे।
उप्र टीईटी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष गणेश शंकर दीक्षित ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती 12 सप्ताह में करने का आदेश दिया है।
दस सप्ताह निकल चुके हैं अब शेष दो सप्ताह बचे हैं, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
सॉफ्टवेयर भी तैयार
हालांकि नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (एनआईसी) ने सूबे में 72,825 शिक्षकों की भर्ती के लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) शीघ्र ही एनआईसी से यह सॉफ्टवेयर लेकर जिलों को भेज देगा।
सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर की सहायता से शिक्षक भर्ती के लिए आए हुए आवेदनों का विवरण सूचीबद्ध करते हुए कन्वर्ट किया जाएगा जिससे मेरिट बनाने में आसानी होगी। बावजूद इसके अखिलेश सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
प्राइमरी में अब नहीं रखे जाएंगे रिटायर्ड शिक्षक
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए रिटायर्ड शिक्षकों को रखने की योजना फिलहाल टाल दी गई है।
उच्चाधिकारियों की बैठक में सहमति बनी है कि स्थायी शिक्षकों की भर्तियां की जाएंगी। रिटायर्ड शिक्षकों को पढ़ाने के एवज में मानदेय कहां से दिया जाएगा इसके लिए बजट की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
राज्य सरकार ने सोचा था कि इसके लिए सर्व शिक्षा अभियान से बजट की मांग कर ली जाएगी, लेकिन केंद्र को इस बारे में जो प्रस्ताव भेजा गया उसमें आधा काट लिया गया। इसीलिए रिटायर्ड शिक्षकों को रखने का इरादा टाल दिया गया है।
10,000 रुपये प्रति माह पर बनी थी सहमति
प्रदेश में इस समय 1,54,272 प्राइमरी स्कूल और 76,782 उच्च प्राइमरी स्कूल हैं। इनमें शिक्षकों के 2,82,000 से अधिक पद रिक्त हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार किया था कि जब तक स्थायी शिक्षकों की नियुक्तियां नहीं हो जातीं तब तक रिटायर होने वाले शिक्षकों को मानदेय के आधार पर परिषदीय स्कूलों में रख लिया जाए।
शासन ने इसके आधार पर ही सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से प्रस्ताव मांगा था। रिटायर शिक्षकों को पढ़ाने के लिए 10,000 रुपये प्रति माह मानदेय देने पर सहमति बनी थी।