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घाघरा में समाए छह मकान व 165 बीघा खेत
Updated Fri, 06 Jul 2018 10:04 PM IST
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महसी (बहराइच)। घाघरा नदी के जलस्तर में निरंतर गिरावट आ रही है, लेकिन कटान थमने का नाम नहीं ले रही है। नदी ने तेज कटान करते हुए शुक्रवार को छह मकानों को लील लिया। साथ ही 165 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समा गई। प्रधानपुरवा के साथ ही गनेश पुरवा गांव भी नदी के मुहाने पर आ गया है। कटान लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे परेशान ग्रामीण अपने आशियाने उजाड़कर पलायन करने लगे हैं।
घाघरा नदी की लहरों का कहर थम नहीं रहा है। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। शुक्रवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.356 मीटर रिकॉर्ड किया गया। केंद्रीय जल आयोग संस्थान के मुताबिक नदी का जल स्तर दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से कम हो रहा है। जलस्तर में गिरावट के चलते घाघरा की लहरों ने प्रधानपुरवा व गनेशपुरवा गांव को निशाने पर ले लिया है। शुक्रवार को गांव निवासी शेषराज, बड़कऊ, ननकू, मन्ना समेत छह लोगों के मकान नदी में कटकर समा गए। तेज कटान होने से गांव के लोगों में हड़कंप मचा है। लोग अपने आशियाने उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। रात से नदी की लहरें कायमपुर, गोलागंज, प्रधानपुरवा व गनेशपुरवा के निकट खेती योग्य जमीन को काट रही हैं। गांव निवासी अवधेश, रमेश, चंदर, रामखेलावन, भूपेश, राजमणि, देवनरायन समेत 18 किसानों की लगभग 165 बीघा खेती योग्य जमीन घाघरा की कटान में समा गई। क्षेत्रीय राजस्वकर्मी हो रही कटान की सूची तैयार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी पीड़ित को मुआवजा नहीं मिल सका है। पीड़ित ग्रामीण तटबंध और सड़क के किनारे टेंट में जिंदगी गुजार रहे हैं।
तहसीलदार ने कटान का मुआयना कर दिए दिशा निर्देश
महसी तहसील के तहसीलदार राजेश वर्मा ने शुक्रवार को कटान प्रभावित गोलागंज, कायमपुर, प्रधानपुरवा गांव का मुआयना किया। इस दौरान ग्रामीणों से संवाद कर तहसीलदार ने कहा कि कटान रोकने के लिए पुन: सिंचाई विभाग को पत्र लिखा गया है। जिनके भी मकान और खेती योग्य जमीनें कट रही हैं। उनकी सूची तैयार हो रही है। मुआवजा दिया जाएगा।
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घाघरा नदी की लहरों का कहर थम नहीं रहा है। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। शुक्रवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.356 मीटर रिकॉर्ड किया गया। केंद्रीय जल आयोग संस्थान के मुताबिक नदी का जल स्तर दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से कम हो रहा है। जलस्तर में गिरावट के चलते घाघरा की लहरों ने प्रधानपुरवा व गनेशपुरवा गांव को निशाने पर ले लिया है। शुक्रवार को गांव निवासी शेषराज, बड़कऊ, ननकू, मन्ना समेत छह लोगों के मकान नदी में कटकर समा गए। तेज कटान होने से गांव के लोगों में हड़कंप मचा है। लोग अपने आशियाने उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। रात से नदी की लहरें कायमपुर, गोलागंज, प्रधानपुरवा व गनेशपुरवा के निकट खेती योग्य जमीन को काट रही हैं। गांव निवासी अवधेश, रमेश, चंदर, रामखेलावन, भूपेश, राजमणि, देवनरायन समेत 18 किसानों की लगभग 165 बीघा खेती योग्य जमीन घाघरा की कटान में समा गई। क्षेत्रीय राजस्वकर्मी हो रही कटान की सूची तैयार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी पीड़ित को मुआवजा नहीं मिल सका है। पीड़ित ग्रामीण तटबंध और सड़क के किनारे टेंट में जिंदगी गुजार रहे हैं।
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तहसीलदार ने कटान का मुआयना कर दिए दिशा निर्देश
महसी तहसील के तहसीलदार राजेश वर्मा ने शुक्रवार को कटान प्रभावित गोलागंज, कायमपुर, प्रधानपुरवा गांव का मुआयना किया। इस दौरान ग्रामीणों से संवाद कर तहसीलदार ने कहा कि कटान रोकने के लिए पुन: सिंचाई विभाग को पत्र लिखा गया है। जिनके भी मकान और खेती योग्य जमीनें कट रही हैं। उनकी सूची तैयार हो रही है। मुआवजा दिया जाएगा।
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