{"_id":"5b22a37a4f1c1ba66e8b7fa8","slug":"71528996730-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेंदुए के हमले से चार ग्रामीण घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेंदुए के हमले से चार ग्रामीण घायल
Updated Thu, 14 Jun 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैसड़ी (बलरामपुर)। सोहेलवा सेंचुरी के रामपुर रेंज के निकट भरावनडीह गांव के चार लोगों को गुरुवार को गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे रेंजर को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। सभी घायलों का इलाज सीएचसी गैसड़ी में कराया गया है। रेंजर ने ग्रामीणों को पिंजड़ा लगाकर तेंदुआ पकड़ने का आश्वासन दिया है।
ग्राम पंचायत रमनपुर झिंगहा के मजरे भरावनडीह निवासी काशीराम दोपहर में अपनी पत्नी के साथ गांव के बाहर गन्ने के खेत में जानवरों के लिए घास काट रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे अचानक गन्ने में छिपे तेंदुए ने काशीराम (30) के सिर पर हमला कर दिया। पति पर तेंदुए का हमला होता देख पत्नी रीना शोर मचाने लगी। इस दौरान आसपास मौजूद मनीराम (40), हरी प्रसाद (35) तथा श्रीराम (45) ने काशीराम को बचाने का प्रयास किया। इसी बीच तेंदुए के हमले में यह लोग भी घायल हो गए। मामले की सूचना पर गांव पहुंचे रेंजर रामानंद मौर्य को ग्रामीणों के आक्रोश का शिकार होना पड़ा। करीब दो घंटे तक ग्रामीणों ने रेंजर को गांव में ही रोके रखा। पिंजड़ा लगाकर तेंदुआ पकड़े जाने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। घायलों को वन विभाग की गाड़ी से सीएचसी गैसड़ी लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। रेंजर ने बताया कि ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। शीघ्र ही गांव के बाहर पिंजड़ा लगाकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत रमनपुर झिंगहा के मजरे भरावनडीह निवासी काशीराम दोपहर में अपनी पत्नी के साथ गांव के बाहर गन्ने के खेत में जानवरों के लिए घास काट रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे अचानक गन्ने में छिपे तेंदुए ने काशीराम (30) के सिर पर हमला कर दिया। पति पर तेंदुए का हमला होता देख पत्नी रीना शोर मचाने लगी। इस दौरान आसपास मौजूद मनीराम (40), हरी प्रसाद (35) तथा श्रीराम (45) ने काशीराम को बचाने का प्रयास किया। इसी बीच तेंदुए के हमले में यह लोग भी घायल हो गए। मामले की सूचना पर गांव पहुंचे रेंजर रामानंद मौर्य को ग्रामीणों के आक्रोश का शिकार होना पड़ा। करीब दो घंटे तक ग्रामीणों ने रेंजर को गांव में ही रोके रखा। पिंजड़ा लगाकर तेंदुआ पकड़े जाने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। घायलों को वन विभाग की गाड़ी से सीएचसी गैसड़ी लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। रेंजर ने बताया कि ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। शीघ्र ही गांव के बाहर पिंजड़ा लगाकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन