फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   धुंध की चपेट में आया समूचा जनपद

धुंध की चपेट में आया समूचा जनपद

Fri, 10 Nov 2017 12:19 AM IST
Updated Fri, 10 Nov 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
धुंध की चपेट में आया समूचा जनपद
अंबेडकरनगर। समूचा जनपद गुरुवार को धुंध से घिर गया। पूर्वाह्न तक घनी धुंध छाए रहने से यातायात प्रभावित हुआ। धुंध के चलते वाहन चालक लाइट जलाकर चलने को विवश हुए। दिनभर बादल व धुंध छाए रहने से बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा।
विज्ञापन

गुरुवार को सुबह जब लोगों की नींद खुली, तो चारों तरफ धुंध ही धुंध नजर आया। धुंध इतनी अधिक थी कि थोड़ी दूर स्थित वस्तु भी स्पष्ट नहीं दिखाई दे रही थी। बीते एक दशक में नवंबर की शुरुआत में पहली बार इस प्रकार की घनी धुंध दिखाई दी। इससे लोगों की आम दिनचर्या में भी बदलाव आया। घनी धुंध के चलते सरकारी व निजी कार्यालयों में लेटलतीफ कर्मचारी पहुंचे। धुंध के बीच छात्र-छात्राओं को विद्यालय जाने को मजबूर होना पड़ा। निजी विद्यालयों में तो फिर भी छात्र-छात्राओं की संख्या सामान्य रही, लेकिन सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या प्रभावित हुई। धुंध के चलते सामान्य आवागमन भी प्रभावित हुआ। जहां ट्रेनों की लेटलतीफी रही, वहीं विभिन्न वाहनों पर भी इसका असर साफ देखने को मिला। पूर्वाह्न तक लोगों को फॉग लाइट जलाकर वाहन चलाने को मजबूर होना पड़ा। पूर्वाह्न तक धुंध छाए रहने के चलते लोगों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ीं। दिन में कुछ देर के लिए धुंध छटी, लेकिन अपराह्न होते-होते एक बार फिर से धुंध का दौर शुरू हो गया। इससे बाजारों में जल्दी ही सन्नाटा पसर गया।
विज्ञापन


प्रदूषण का यहां भी दिख रहा असर
लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के चलते जहां अब तक दिल्ली की हवा जहरीली हुई थी, वहीं अब यूपी की भी हवा प्रभावित होने लगी है। प्रदेश की राजधानी में दो दिनों से छाई धुंध ने हवा को जहरीला बना दिया है। गुरुवार को इसका असर अंबेडकरनगर जनपद में भी दिखाई दिया। हालांकि धुंध अभी ऐसी नहीं है, जिसका स्वास्थ्य पर अधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़े, लेकिन गुरुवार की धुंध से बुजुर्गों व बच्चों को सांस लेने में कुछ समस्या जरूर हुई। बुजुर्गों का मानना है कि यदि ऐसा ही रहा, तो आने वाले समय में समस्या बढ़ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले में लगातार बढ़ रहा प्रदूषण
सड़क पर लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव व फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं से वायु प्रदूषण में दिन-प्रतिदिन वृद्धि होती जा रही है। इसके अलावा कूड़ा करकट, गंदा पानी व फै क्ट्रियों का जहरीला पदार्थ तमसा नदी में डाले जाने से उसका पानी बुरी तरह प्रदूषित हो रहा है। नदी में बढ़ते जल प्रदूषण को रोकने के लिए न तो प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है और न ही स्वयं संस्थाएं ही आगे आ रही हैं। नतीजा यह है कि न सिर्फ तमसा नदी, बल्कि सरयू नदी का पानी भी दिन प्रतिदिन प्रदूषित होता जा रहा है।


बढ़ सकती है समस्या
गुरुवार को मानिँग वाक करने निकले शिक्षक कौशल वर्मा ने कहा कि यह धुंध स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है। ऐसा लगातार बढ़ते प्रदूषण के चलते हो रहा है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि प्रदूषण पर अंकुश लगाएं, जिससे इस प्रकार की जहरीली धुंध से राहत मिले। वरिष्ठ फार्मासिस्ट आरएन उपाध्याय ने कहा कि यह हम सभी को ऐसी धुंध से बचना होगा। इसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। दिल्ली की तरह यूपी की हवा भी जहरीली हो रही है। इसके जिम्मेदार भी कहीं न कहीं हम सभी हैं। प्रदूषण को रोकने के लिए हम सभी को गंभीर होना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed