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Lucknow News: महिला के पेट से निकाली साढ़े छह किलो की गांठ
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साढ़े छह किलो गांठ निकालने वाली केजीएमयू के स्त्री कैंसर रोग विभाग की टीम में मौजूद विभागाध्यक्
लखनऊ। केजीएमयू के स्त्री कैंसर रोग विभाग में चिकित्सकों ने महिला के पेट से साढ़े छह किलो की गांठ निकालकर उसे नई जिंदगी दी। महिला के पेट में पानी भरा था और गांठें थीं। साथ ही, बच्चेदानी में छोटी-छोटी कई गांठें थीं, जिनका कुल वजन साढ़े छह किलो था। विभागाध्यक्ष निशा सिंह ने बताया कि 32 वर्षीय महिला की हालत काफी खराब थी। जांच में पता चला कि वह दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। डॉ. निशा ने बताया कि उनके कॅरिअर का पहला मामला है।
गांठ के साथ थी दुर्लभ बीमारी
जांच के दौरान पता चला कि महिला की बच्चेदानी में फाइब्रॉयड (एक प्रकार की गांठ) थीं। इसके अलावा, महिला एक दुर्लभ बीमारी डिफ्यूज मायोब्लास्टिक फाइब्रोमैटोसिस से पीड़ित थी। इस बीमारी में शरीर के अंदर असामान्य रूप से मांसपेशियों की गांठें तेजी से बढ़ने लगती हैं।
तीन घंटे लगातार चला जटिल ऑपरेशन
प्रो. निशा सिंह ने बताया कि लगातार तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने सभी गांठों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। अब मरीज पूरी तरह ठीक है। ऑपरेशन में उनके साथ डॉ. रूबी गुप्ता, डॉ. चंद्रिमा रे, डॉ. स्नेहा और डॉ. तारिणी शामिल रहीं। इसमें पैथोलॉजिस्ट डॉ. प्रीति अग्रवाल का भी विशेष योगदान रहा।
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गांठ के साथ थी दुर्लभ बीमारी
जांच के दौरान पता चला कि महिला की बच्चेदानी में फाइब्रॉयड (एक प्रकार की गांठ) थीं। इसके अलावा, महिला एक दुर्लभ बीमारी डिफ्यूज मायोब्लास्टिक फाइब्रोमैटोसिस से पीड़ित थी। इस बीमारी में शरीर के अंदर असामान्य रूप से मांसपेशियों की गांठें तेजी से बढ़ने लगती हैं।
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तीन घंटे लगातार चला जटिल ऑपरेशन
प्रो. निशा सिंह ने बताया कि लगातार तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने सभी गांठों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। अब मरीज पूरी तरह ठीक है। ऑपरेशन में उनके साथ डॉ. रूबी गुप्ता, डॉ. चंद्रिमा रे, डॉ. स्नेहा और डॉ. तारिणी शामिल रहीं। इसमें पैथोलॉजिस्ट डॉ. प्रीति अग्रवाल का भी विशेष योगदान रहा।
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