{"_id":"5ae4a9194f1c1b3c0a8b6eca","slug":"61524934937-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूधिया रोशनी से जगमग होगा अयोध्या-फैजाबाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूधिया रोशनी से जगमग होगा अयोध्या-फैजाबाद
Updated Sat, 28 Apr 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फैजाबाद। अयोध्या-फैजाबाद शहर के चार लाख लोगों को अब दूधिया रोशनी का लाभ मिलेगा। इसके लिए शहर के हर खंभे पर एलईडी लाइटें और बल्ब लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके जरिए नगर निगम हर साल लगभग सवा करोड़ रुपये बचाएगा। साथ ही केंद्र सरकार से ऊर्जा बचत अभियान में लाखों यूनिट बिजली भी बचेगी। यह व्यवस्था अगले सात साल तक चलेगी। स्ट्रीट लाइट खराब होने पर लोगों को नगर निगम की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
रामनगरी के साथ नवाबों की नगरी फैजाबाद की प्रकाश व्यवस्था सुधारने और ऊर्जा की बचत के लिए नगर निगम अयोध्या ने यह काम प्राइवेट फर्म एनर्जी एफीशियंशी सर्विसेज को सौंप दिया है। यह फर्म दोनों शहरों के निर्धारित प्रत्येक खंभे पर वहां की आवश्यकता के मुताबिक एलईडी लाइटें और बल्ब लगाएगी। फर्म के लोग इसका अनुरक्षण कार्य करेंगे। इसके बदले निगम फर्म को कोई कैश भुगतान नहीं करेगा, बल्कि एलईडी लाइटें लगने से बिजली बिल में होने वाली बचत का आधा पैसा दिया जाएगा। नगर निगम शहर की स्ट्रीट लाइटों पर लगभग तीन करोड़ साठ लाख रुपये हर खर्च करता है।
अब लगेंगी 18 से 190 वाट तक की एलईडी लाइटें
निगम के प्रकाश विभाग के मुताबिक अब शहर के प्रत्येक पोल पर 18 से 190 वाट तक की लाइटें ओर बल्ब लगाए जा रहे हैं। साढ़े तीन मीटर की सड़क किनारे के पोल पर 18, 3 से 7 मीटर के पोल पर 35 वाट, 7 से10 मीटर की सड़क के पोल पर 70 और 10 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़क और चौराहों पर आवश्यकता के अनुसार 140 व 190 वाट की एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इसके पूर्व 70 वाट से 400 वाट तक की सोडियम लाइटें, हाईमास्ट लगाए जाते थे।
विज्ञापन
खर्च में 40 फीसदी बचत का अनुमान
शहरों में एलईडी लाइटें लगने से नगर निगम खर्च में लगभग 40 फीसदी बचत होने का अनुमान है। निगम के अवर अभियंता सौरभ के मुताबिक यूनिटों की संख्या का आकलन तो नहीं किया गया, लेकिन प्रति वर्ष स्ट्रीट लाइट पर बिजली बिल के रूप में लगभग 3.60 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। स्वाभाविक है कि बिजली का खर्च 3.6 करोड़ से घटकर लगभग 2.16 करोड़ रुपये पर आ जाएगा। 1.44 करोड़ रुपये की हर साल बचत होगी। इसमें से आधा पैसा फर्म को जाएगा और बिना हर्र-फिटकरी लगे निगम आधा पैसा हर साल बचा लेगा। अयोध्या और फैजाबाद के लगभग नौ हजार प्वाइंट हैं, जहां एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। फर्म ने तेजी से अब तक आधे प्वाइंट पर एलईडी लाइटें लगा दी हैं।
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में बंदर बनेंगे मुश्किल
अयोध्या में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में यहां बड़ी संख्या में मौजूद बंदर मुश्किल बनेंगे। इससे पहले भी इनके कारण निगम को मुश्किल झेलनी पड़ती रही हैं। नगर आयुक्त के मुताबिक स्ट्रीट लाइट में गड़बड़ी की शिकायत दूर करने के लिए शीघ्र ही टोल फ्री नंबर शुरू कराया जाएगा। जिस पर शहर के लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। फर्म के लोग संबंधित शिकायत को दूर करेंगे।
शहर में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था में सुधार के लिए फर्म एएएस को कार्य सौंपा गया है। फर्म एलईडी लाइटें लगाने के साथ ही स्ट्रीट लाइटों पर प्रकाश की व्यवस्था देखेगी। फर्म यह कार्य सात साल तक करेगी। इसके बदले बिजली की होने वाली बचत से लाभ का आधा पैसा फर्म को जाएगा।
-एमपी सिंंह, नगर आयुक्त
विज्ञापन
रामनगरी के साथ नवाबों की नगरी फैजाबाद की प्रकाश व्यवस्था सुधारने और ऊर्जा की बचत के लिए नगर निगम अयोध्या ने यह काम प्राइवेट फर्म एनर्जी एफीशियंशी सर्विसेज को सौंप दिया है। यह फर्म दोनों शहरों के निर्धारित प्रत्येक खंभे पर वहां की आवश्यकता के मुताबिक एलईडी लाइटें और बल्ब लगाएगी। फर्म के लोग इसका अनुरक्षण कार्य करेंगे। इसके बदले निगम फर्म को कोई कैश भुगतान नहीं करेगा, बल्कि एलईडी लाइटें लगने से बिजली बिल में होने वाली बचत का आधा पैसा दिया जाएगा। नगर निगम शहर की स्ट्रीट लाइटों पर लगभग तीन करोड़ साठ लाख रुपये हर खर्च करता है।
विज्ञापन
अब लगेंगी 18 से 190 वाट तक की एलईडी लाइटें
निगम के प्रकाश विभाग के मुताबिक अब शहर के प्रत्येक पोल पर 18 से 190 वाट तक की लाइटें ओर बल्ब लगाए जा रहे हैं। साढ़े तीन मीटर की सड़क किनारे के पोल पर 18, 3 से 7 मीटर के पोल पर 35 वाट, 7 से10 मीटर की सड़क के पोल पर 70 और 10 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़क और चौराहों पर आवश्यकता के अनुसार 140 व 190 वाट की एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इसके पूर्व 70 वाट से 400 वाट तक की सोडियम लाइटें, हाईमास्ट लगाए जाते थे।
विज्ञापन
खर्च में 40 फीसदी बचत का अनुमान
शहरों में एलईडी लाइटें लगने से नगर निगम खर्च में लगभग 40 फीसदी बचत होने का अनुमान है। निगम के अवर अभियंता सौरभ के मुताबिक यूनिटों की संख्या का आकलन तो नहीं किया गया, लेकिन प्रति वर्ष स्ट्रीट लाइट पर बिजली बिल के रूप में लगभग 3.60 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। स्वाभाविक है कि बिजली का खर्च 3.6 करोड़ से घटकर लगभग 2.16 करोड़ रुपये पर आ जाएगा। 1.44 करोड़ रुपये की हर साल बचत होगी। इसमें से आधा पैसा फर्म को जाएगा और बिना हर्र-फिटकरी लगे निगम आधा पैसा हर साल बचा लेगा। अयोध्या और फैजाबाद के लगभग नौ हजार प्वाइंट हैं, जहां एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। फर्म ने तेजी से अब तक आधे प्वाइंट पर एलईडी लाइटें लगा दी हैं।
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में बंदर बनेंगे मुश्किल
अयोध्या में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में यहां बड़ी संख्या में मौजूद बंदर मुश्किल बनेंगे। इससे पहले भी इनके कारण निगम को मुश्किल झेलनी पड़ती रही हैं। नगर आयुक्त के मुताबिक स्ट्रीट लाइट में गड़बड़ी की शिकायत दूर करने के लिए शीघ्र ही टोल फ्री नंबर शुरू कराया जाएगा। जिस पर शहर के लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। फर्म के लोग संबंधित शिकायत को दूर करेंगे।
शहर में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था में सुधार के लिए फर्म एएएस को कार्य सौंपा गया है। फर्म एलईडी लाइटें लगाने के साथ ही स्ट्रीट लाइटों पर प्रकाश की व्यवस्था देखेगी। फर्म यह कार्य सात साल तक करेगी। इसके बदले बिजली की होने वाली बचत से लाभ का आधा पैसा फर्म को जाएगा।
-एमपी सिंंह, नगर आयुक्त