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799 लाभार्थियों का पीएम आवास अधर में
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:16 PM IST
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अंबेडकरनगर। ग्राम पंचायत सचिवों की लापरवाही के चलते जिले के 799 पात्रों का प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत भवन का निर्माण अब तक पूर्ण नहीं हो सका। दरअसल इन पात्रों के खाते में द्वितीय किस्त की धनराशि ही अब तक नहीं भेजी जा सकी है। इसके पीछे मुख्य कारण शासन को भेजी गई जानकारी में संबंधित पात्रों का जनधन बैंक खाता दे दिया जाना है। जनधन खाते में एक बार में 50 हजार रुपये से अधिक की धनराशि नहीं जा सकती। ऐसे में द्वितीय किस्त की 70 हजार रुपये की धनराशि नहीं भेजी जा सकी। अब नए सिरे से न सिर्फ संबंधित पात्रों का खाता खुलवाया गया, बल्कि उनका आननफानन में सत्यापन भी कराया गया। विभाग ने शीघ्र ही द्वितीय किस्त की धनराशि भेजे जाने का दावा किया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2016-17 व 2017-18 में प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत 12 हजार 250 पात्रों को योजना का लाभ दिलाए जाने का लक्ष्य दिया गया था। योजना के तहत पात्रों के खाते में प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार, द्वितीय किस्त 70 हजार व तृतीय किस्त 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। दो वर्ष में अब तक 11 हजार 451 पात्रों के आवास का निर्माण ही पूर्ण हो सका है। 799 पात्रों का आवास धनाभाव के चलते अब तक नहीं पूर्ण हो सका है। योजना का लाभ पात्रों को सुचारु ढंग से मिल सके, इसे लेकर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक पात्रों के खाते में द्वितीय किस्त की धनराशि ही नहीं भेजी जा सकी है।
बताया जाता है कि पात्रों के चयन के बाद शासन को पात्रों की जो पत्रावली उपलब्ध कराई गई, उसमें 799 पात्र ऐसे थे, जिनके खाते जनधन योजना से जुड़े थे। दरअसल जनधन खाते में एक बार में 50 हजार रुपये से अधिक की धनराशि नहीं भेजी जा सकती है। ऐसे में प्रथम किस्त की 40 हजार रुपये की किस्त तो भेज दी गई, लेकिन दूसरी किस्त 70 हजार रुपये होने के चलते नहीं भेजी जा सकी। शासन के सख्त निर्देश के बाद आननफानन में संबंधित पात्रों का नया खाता खुलवाया गया। साथ ही सत्यापन का कार्य भी पूरा कर शासन को भेज दिया गया। ऐसा होने के बाद अब शीघ्र ही पात्रों के खाते में द्वितीय किस्त की धनराशि भेजे जाने की संभावना है। परियोजना निदेशक डीआरडीए प्रदीप पांडेय ने कहा कि जिन लाभार्थियों के खाते में द्वितीय किस्त नहीं जा पायी थी, उनका नया खाता खुल गया है। जल्द ही संबंधित खातों में द्वितीय किस्त की रकम पहुंच जाएगी।
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गौरतलब है कि वर्ष 2016-17 व 2017-18 में प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत 12 हजार 250 पात्रों को योजना का लाभ दिलाए जाने का लक्ष्य दिया गया था। योजना के तहत पात्रों के खाते में प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार, द्वितीय किस्त 70 हजार व तृतीय किस्त 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। दो वर्ष में अब तक 11 हजार 451 पात्रों के आवास का निर्माण ही पूर्ण हो सका है। 799 पात्रों का आवास धनाभाव के चलते अब तक नहीं पूर्ण हो सका है। योजना का लाभ पात्रों को सुचारु ढंग से मिल सके, इसे लेकर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक पात्रों के खाते में द्वितीय किस्त की धनराशि ही नहीं भेजी जा सकी है।
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बताया जाता है कि पात्रों के चयन के बाद शासन को पात्रों की जो पत्रावली उपलब्ध कराई गई, उसमें 799 पात्र ऐसे थे, जिनके खाते जनधन योजना से जुड़े थे। दरअसल जनधन खाते में एक बार में 50 हजार रुपये से अधिक की धनराशि नहीं भेजी जा सकती है। ऐसे में प्रथम किस्त की 40 हजार रुपये की किस्त तो भेज दी गई, लेकिन दूसरी किस्त 70 हजार रुपये होने के चलते नहीं भेजी जा सकी। शासन के सख्त निर्देश के बाद आननफानन में संबंधित पात्रों का नया खाता खुलवाया गया। साथ ही सत्यापन का कार्य भी पूरा कर शासन को भेज दिया गया। ऐसा होने के बाद अब शीघ्र ही पात्रों के खाते में द्वितीय किस्त की धनराशि भेजे जाने की संभावना है। परियोजना निदेशक डीआरडीए प्रदीप पांडेय ने कहा कि जिन लाभार्थियों के खाते में द्वितीय किस्त नहीं जा पायी थी, उनका नया खाता खुल गया है। जल्द ही संबंधित खातों में द्वितीय किस्त की रकम पहुंच जाएगी।
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