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उत्तर प्रदेश में बाढ़ से 560 करोड़ का नुकसान, केंद्र से मदद मांगने की तैयारी

Sat, 12 Oct 2019 01:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 12 Oct 2019 01:56 AM IST
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560 crore damage due to floods in Uttar Pradesh preparations to seek help from Center
बाढ़ - फोटो : amar ujala

प्रदेश में बाढ़ व अतिवृष्टि से 560 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। राज्य सरकार ने जिलों से नुकसान की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र से आर्थिक सहायता मांगने से जुड़ी कार्यवाही शुरू कर दी है। बाढ़ मांगपत्र के अनुमोदन का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है।

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प्रदेश में वर्ष-2019 में बाढ़ व अतिवृष्टि से करीब 48 जिलों में नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को पिछले दिनों जल्द से जल्द बाढ़ से नुकसान का आकलन रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया था। प्रदेश के 75 में से 72 जिलों की रिपोर्ट अब तक आ चुकी है। 
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इनमें 48 ने बाढ़ व अतिवृष्टि से नुकसान की जानकारी दी है। बाढ़ से प्रदेश के करीब 1300 गांवों की करीब साढ़े सात लाख की आबादी के सीधे प्रभावित होने की बात सामने आई है। इसमें किसानों की फसल का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
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प्रदेश सरकार ने किसानों के नुकसान का आकलन करते हुए 358 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को सहायता के लिए केंद्र से मांगने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अंतर्गत फसल नुकसान का सामना करने वाले दो हेक्टेयर तक वाले समस्त लघु व सीमांत किसानों तथा दो हेक्टेयर से अधिक वाले किसानों को दो हेक्टेयर तक फसल नुकसान का मुआवजा देने का प्रस्ताव है। 

बाढ़ व अतिवृष्टि केदौरान विभिन्न दैवीय आपदाओं से 126 लोगों की मृत्यु का हवाला देते हुए 4-4 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इसी तरह घरों के ध्वस्त होने और सरकारी संपत्ति के नुकसान की चर्चा करते हुए 561.18 करोड़ रुपये की मांग केंद्र से करने का प्रस्ताव है। 

बाकी जिलों से रिपोर्ट आने के बाद बाढ़ मांगपत्र की धनराशि में बदलाव संभव है। मांगपत्र को मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। सहमति मिलते ही इसे केंद्र को भेजा जाएगा। केंद्र सरकार अपनी टीम से आपदा से नुकसान का आकलन कराने के बाद प्रदेश के मांगपत्र पर निर्णय करेगी।

मांग के प्रमुख मद                                           बाढ़ से नुकसान     
कृषि नुकसान के लिए मुआवजा :                            358.04 करोड़
भवनों के क्षतिग्रस्त व ध्वस्त होने के लिए मुआवजा         16.98 करोड़
आपदा से मृत्यु पर परिजनों को मुआवजा                     5.04 करोड़
सरकारी संपत्ति का नुकसान                                     164.03 करोड़

पिछले वर्ष नुकसान झेलने वाले किसानों को अभी भी मदद का इंतजार

प्रदेश में इस वर्ष बाढ़ से नुकसान के लिए केंद्र से सहायता मांगने की तैयारी है। लेकिन, एक हकीकत यह भी है कि पिछले वर्ष केंद्र से मिली सहायता राशि एक जिले को छोड़कर बाकी जिले के किसानों में अब तक पूरी तरह से वितरित नहीं की जा सकी है। किसानों को अभी भी राहत राशि का इंतजार है।

प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष बाढ़ से नुकसान के लिए केंद्र से आर्थिक सहायता की मांग की थी। केंद्र सरकार ने 191.73 करोड़ रुपये विभिन्न मदों में उपलब्ध कराए थे। इसमें 91.11 करोड़ रुपये लघु व सीमांत किसानों को मुआवजे के तौर पर दी जानी थी। 27.20 करोड़ रुपये लघु व सीमांत किसानों के अतिरिक्त अन्य किसानों को उपलब्ध कराने के लिए दिए गए थे। 118.31 करोड़ रुपये की यह रकम इस वर्ष फरवरी में मिली। 

प्रदेश सरकार ने इसे आनन-फानन में जिलों को प्रभावित किसानों के वितरण के लिए जारी भी कर दिया। मगर, बाराबंकी को छोड़कर ज्यादातर जिलों ने यह रकम नहीं बांटी और वित्त वर्ष के अंत में पैसे को सरेंडर कर दिया। इस वर्ष यह रकम नए सिरे से संबंधित किसानों के वितरण के लिए जारी की जानी चाहिए। मगर, जिलों का कहना है कि राहत आयुक्त अभी तक जिलों को यह रकम दुबारा जारी नहीं की जा सकी है।

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