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रामदास पर रामजन्मभूमि मामले में हस्तक्षेप करने का आरोप
Updated Sat, 07 Apr 2018 10:48 PM IST
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अयोध्या। निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्रदास ने शनिवार को नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास पर रामजन्मभूमि मामले में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महंत रामदास निर्मोही अखाड़ा के न तो संत हैं और न ही पंच। उनका निष्कासन बीती 10 अक्टूबर को ही पंचों के आम निर्णय से किया जा चुका है। कहा कि वे रामजन्मभूमि मामले में हस्तक्षेप कर रहे हैं। उनके खिलाफ शीघ्र ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महंत दिनेंद्रदास निर्मोही अखाड़ा अयोध्या में अपने वकील तरुणजीत वर्मा के साथ पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने महंत रामदास पर अखाड़े के विरोध में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नाका हनुमानगढ़ी के महंत पद पर भी असंवैधानिक तरीके से बैठे हैं। अधिवक्ता तरुणजीत ने बताया कि साकेतवासी महंत भाष्करदास अखाड़े के सरपंच थे। उनके निधन के बाद पंचों ने सर्वसम्मति से राजारामचंद्राचार्य को सरपंच घोषित किया है। यहीं नहीं महंत दिनेंद्रदास को अखाड़े के पंचों ने महंत चुना है। वे रामजन्मभूमि मामले के पक्षकार भी हैं। कहा कि इसी माह अखाड़े के पंच एकत्र होंगे। उसके बाद रामदास के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।
इस बाबत नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि झूठा आरोप लगा रहे हैं। सभी आरोप निराधार हैं। हमारे नाम रजिस्टर्ड वसीयत है। साधु समाज ने हमें नाका हनुमानगढ़ी का महंत बनाया है।
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महंत दिनेंद्रदास निर्मोही अखाड़ा अयोध्या में अपने वकील तरुणजीत वर्मा के साथ पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने महंत रामदास पर अखाड़े के विरोध में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नाका हनुमानगढ़ी के महंत पद पर भी असंवैधानिक तरीके से बैठे हैं। अधिवक्ता तरुणजीत ने बताया कि साकेतवासी महंत भाष्करदास अखाड़े के सरपंच थे। उनके निधन के बाद पंचों ने सर्वसम्मति से राजारामचंद्राचार्य को सरपंच घोषित किया है। यहीं नहीं महंत दिनेंद्रदास को अखाड़े के पंचों ने महंत चुना है। वे रामजन्मभूमि मामले के पक्षकार भी हैं। कहा कि इसी माह अखाड़े के पंच एकत्र होंगे। उसके बाद रामदास के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।
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इस बाबत नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि झूठा आरोप लगा रहे हैं। सभी आरोप निराधार हैं। हमारे नाम रजिस्टर्ड वसीयत है। साधु समाज ने हमें नाका हनुमानगढ़ी का महंत बनाया है।
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