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निजीकरण पर तत्काल लगाई जाए रोक
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:16 PM IST
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अंबेडकरनगर। निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारियों का अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में चल रहा धरना मंगलवार को भी जारी रहा। कहा गया कि शासन द्वारा निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल रोकना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो विद्युतकर्मी चुप नहीं बैठेंगे। चेतावनी दी गई कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
गौरतलब है कि विद्युत कर्मचारी निजीकरण के विरोध में आंदोलनरत हैं। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के तत्वावधान में कर्मचारी अपराह्न 2 बजे से 5 बजे तक अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में धरना दे रहे हैं। 2 बजे तक काम निपटाने के बाद मंगलवार को भी कर्मचारी धरने पर डट गए। अध्यक्षता कर रहे जिला संयोजक इंजीनियर वीके पटेल ने कहा कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी उपेक्षा की जा रही है। यह कतई उचित नहीं है। जिस प्रकार से विभाग का निजीकरण करने की प्रक्रिया चल रही है, उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को अपने इस फैसले को वापस लेना ही होगा। वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण होने से विद्युत कर्मियों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। निजीकरण को कतई नहीं होने दिया जाएगा। चेतावनी दी गई कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, तब तक उनका इसी प्रकार से विरोध प्रदर्शन होता रहेगा। इस दौरान फूलचंद्र यादव, सत्यनरायन यादव, एसएन शुक्ल, विनय कुमार आदि मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि विद्युत कर्मचारी निजीकरण के विरोध में आंदोलनरत हैं। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के तत्वावधान में कर्मचारी अपराह्न 2 बजे से 5 बजे तक अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में धरना दे रहे हैं। 2 बजे तक काम निपटाने के बाद मंगलवार को भी कर्मचारी धरने पर डट गए। अध्यक्षता कर रहे जिला संयोजक इंजीनियर वीके पटेल ने कहा कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी उपेक्षा की जा रही है। यह कतई उचित नहीं है। जिस प्रकार से विभाग का निजीकरण करने की प्रक्रिया चल रही है, उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को अपने इस फैसले को वापस लेना ही होगा। वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण होने से विद्युत कर्मियों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। निजीकरण को कतई नहीं होने दिया जाएगा। चेतावनी दी गई कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, तब तक उनका इसी प्रकार से विरोध प्रदर्शन होता रहेगा। इस दौरान फूलचंद्र यादव, सत्यनरायन यादव, एसएन शुक्ल, विनय कुमार आदि मौजूद रहे।
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