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गंगा में मरी हजारों मछलियां
Updated Fri, 30 Mar 2018 11:48 PM IST
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गंगा में मरी हजारों मछलियां, हड़कंप
डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी में दूषित पानी आने से कई क्विंटल मछलियां मर गईं। मरी मछलियां घाटों के किनारे उतरा रही हैं।
वहीं प्रशासन की अनदेखी से मछुवारे मरी हुई मछलियों को बाजार में बेच रहे हैं। मछलियों की दुर्गंध से तटों पर रहने वाले लोग परेशान हैं। एसडीएम ने बताया कि लोन नदी से गंगा में आने वाले पानी को रोकने के लिए पत्र लिखा गया है।
डलमऊ में शुक्रवार को गंगा के स्नान घाटों के किनारों पर भारी संख्या में मरी मछलियां इकट्ठी हो गईं। मछलियों के साथ-साथ गंगा की गोद में पल रहे अन्य जीव-जंतु कछुएं मछलियों को खाकर मर रहे हैं।
कछुओं के कई शव घाटों के किनारे पाए गए। मछुआरे मरी हुईं मछलियों को बाजारों में बेच रहे हैं। क्षेत्र के गंगा विशुन, दयाराम, शिवकरन, अखिलेश, मनीराम व शिवदयाल ने बताया कि मरी मछलियां अभी भी बहकर आ रही हैं। दुर्गंध से घाटाें के किनारे बैठना मुश्किल हो रहा है।
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उपजिलाधिकारी डलमऊ प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि उन्नाव जिले के पास गंगा में लोन नदी का दूषित और केमिकल युक्त पानी गिरने से गंगा का पानी दूषित हुआ है।
लोन नदी का पानी गंगा में गिरने से रोकने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। तहसीलदार के साथ क्षेत्रीय लेखपालों को घाटों के किनारे मरी हुई मछलियों को इकट्ठा कर बाजार में बेचने वालों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे लोगों के पकड़ में आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी में दूषित पानी आने से कई क्विंटल मछलियां मर गईं। मरी मछलियां घाटों के किनारे उतरा रही हैं।
वहीं प्रशासन की अनदेखी से मछुवारे मरी हुई मछलियों को बाजार में बेच रहे हैं। मछलियों की दुर्गंध से तटों पर रहने वाले लोग परेशान हैं। एसडीएम ने बताया कि लोन नदी से गंगा में आने वाले पानी को रोकने के लिए पत्र लिखा गया है।
डलमऊ में शुक्रवार को गंगा के स्नान घाटों के किनारों पर भारी संख्या में मरी मछलियां इकट्ठी हो गईं। मछलियों के साथ-साथ गंगा की गोद में पल रहे अन्य जीव-जंतु कछुएं मछलियों को खाकर मर रहे हैं।
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कछुओं के कई शव घाटों के किनारे पाए गए। मछुआरे मरी हुईं मछलियों को बाजारों में बेच रहे हैं। क्षेत्र के गंगा विशुन, दयाराम, शिवकरन, अखिलेश, मनीराम व शिवदयाल ने बताया कि मरी मछलियां अभी भी बहकर आ रही हैं। दुर्गंध से घाटाें के किनारे बैठना मुश्किल हो रहा है।
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उपजिलाधिकारी डलमऊ प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि उन्नाव जिले के पास गंगा में लोन नदी का दूषित और केमिकल युक्त पानी गिरने से गंगा का पानी दूषित हुआ है।
लोन नदी का पानी गंगा में गिरने से रोकने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। तहसीलदार के साथ क्षेत्रीय लेखपालों को घाटों के किनारे मरी हुई मछलियों को इकट्ठा कर बाजार में बेचने वालों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे लोगों के पकड़ में आने पर कार्रवाई की जाएगी।