{"_id":"5aba80934f1c1b91778b7cc6","slug":"51522172051-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली कर्मियों की हड़ताल से कई इलाकों में बती गुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली कर्मियों की हड़ताल से कई इलाकों में बती गुल
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कई इलाकों में पानी को भी तरसे लोग, इनवर्टर भी चंद घंटों में दे गए दगा
सीतापुर। पावर कॉर्पोरेशन के अफसर-कर्मचारी मंगलवार से हड़ताल पर चले गए हैं। उनके ऐसा करने से एक-एक करके दोपहर तक आठ फीडर बंद हो गए। इनसे जुड़े इलाकों में बिजली गुल हो गई। यही नहीं कई जगहों पर लोकल फॉल्ट की समस्याएं आईं।
लोगों ने इनकी शिकायतें दर्ज कराईं पर किसी भी कर्मचारी ने उन्हें अटेंड नहीं किया। विद्युत आपूर्ति न होने से लोगों के घरों में इनवर्टर भी दगा दे गए। इससे न सिर्फ गर्मी में लोग परेशान रहे बल्कि उनको पेयजल की समस्या से भी जूझना पड़ा।
बताते चलें कि जनता को विद्युत आपूर्ति सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने सीतापुर जिले को विद्युत वितरण खंड प्रथम और द्वितीय खंड में विभाजित कर रखा है। दोनों खंडों में कॉर्पोरेशन के 350 फीडर संचालित हैं।
विज्ञापन
इनके माध्यम से शहरी और गंवई इलाकों में विद्युत आपूर्ति की जा रही है। पर अभी हाल ही में सरकार ने प्रदेश के पांच बड़े महानगरों वाराणसी, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद व गोरखपुर में बिजली वितरण को निजी हाथों में सौंपने का फैसला लिया है।
इससे कॉर्पोरेशन के अफसर-कर्मचारी खफा हैं। इसे लेकर पिछले काफी समय से अफसर-कर्मचारी यूनियन आंदोलनरत हैं। सभी दोपहर तक कार्य करने के बाद जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। बावजूद इसके सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
इससे गुस्साएं अफसर-कर्मचारी संगठनों ने मंगलवार को प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार का एलान किया था। रोजाना की तरह अफसर-कर्मचारी ऑफिस पहुंचे मगर किसी ने न तो पटल पर बैठकर काम किया और न ही फील्ड वर्क निपटाए। सभी कार्य पूरी तरह से ठप रहे।
इनके हड़ताल पर रहने से एक-एक करके विद्युत फीडर तकनीकी खामी के चलते बंद होते चले गए। इनमें भवानीपुर, रोटीगोदाम, कटीली, सिधौली, महमूदाबाद, बिसवां एवं मिश्रिख, महोली नगर आदि फीडर शामिल रहे। इस कारण इन फीडरों से जुड़े इलाकों की बिजली भी गुल रही। ऐसा होने से दोपहर बाद लोगों के घरों व दुकानों में लगे इनवर्टर भी बोल गए।
ऐसे में यहां के लोगों को गर्मी में दिक्कतें उठानी पड़ी। यही नहीं लोगों को पेयजल समस्याओं से भी जूझना पड़ा। निगरानी के अभाव में विद्युत लाइनों में लोकल शिकायतें भी आनी शुरू हो गईं। पर किसी ने भी उन्हें अटेंड नहीं किया है। बिलिंग काउंटर बंद होने के चलते बिलों की अदायगी करने पहुंचे उपभोक्ताओं को मायूस होकर वापस लौटना पड़ता।
कार्य बहिष्कार कर बुलंद की आवाज, बुद्धि-शुद्धि को हवन
निजीकरण के विरोध में मंगलवार को पावर कॉर्पोरेशन के अफसर-कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर अपनी आवाज बुलंद की। शहर के अधिशासी अभियंता कार्यालय के समक्ष आयोजित सभा में यूनियन नेताओं ने सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।
जूनियर इंजीनियर संगठन के अध्यक्ष वीके सिंह ने कहा कि सरकार वर्षों से लंबित पड़े जर्जर तारों के प्राकलन को पास नहीं कर रही और कम बजट होने का बहाना बना रही है। यदि सरकार को व्यवस्था सुधारनी ही है तो ग्रामीण क्षेत्र की व्यवस्था सुधारे।
धरने को अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह, अधिशासी अभियंता एके श्रीवास्तव, एसडीओ नगर रवि कुमार, आरएन राठौर, सत्यपाल, दिग्विजय सिंह ने भी संबोधित किया। इनके अलावा समर्थन में रालोद के आरपी सिंह चौहान, धीरज सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे।
उधर, पावर कॉर्पोरेशन के हड़ताली कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन भी किया। इसमें दोनों की बुद्धि खुलने की आहुतियां दीं। जिससे कि वे निजीकरण के इस फैसले को वापस ले लें।
विज्ञापन
सीतापुर। पावर कॉर्पोरेशन के अफसर-कर्मचारी मंगलवार से हड़ताल पर चले गए हैं। उनके ऐसा करने से एक-एक करके दोपहर तक आठ फीडर बंद हो गए। इनसे जुड़े इलाकों में बिजली गुल हो गई। यही नहीं कई जगहों पर लोकल फॉल्ट की समस्याएं आईं।
लोगों ने इनकी शिकायतें दर्ज कराईं पर किसी भी कर्मचारी ने उन्हें अटेंड नहीं किया। विद्युत आपूर्ति न होने से लोगों के घरों में इनवर्टर भी दगा दे गए। इससे न सिर्फ गर्मी में लोग परेशान रहे बल्कि उनको पेयजल की समस्या से भी जूझना पड़ा।
विज्ञापन
बताते चलें कि जनता को विद्युत आपूर्ति सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने सीतापुर जिले को विद्युत वितरण खंड प्रथम और द्वितीय खंड में विभाजित कर रखा है। दोनों खंडों में कॉर्पोरेशन के 350 फीडर संचालित हैं।
विज्ञापन
इनके माध्यम से शहरी और गंवई इलाकों में विद्युत आपूर्ति की जा रही है। पर अभी हाल ही में सरकार ने प्रदेश के पांच बड़े महानगरों वाराणसी, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद व गोरखपुर में बिजली वितरण को निजी हाथों में सौंपने का फैसला लिया है।
इससे कॉर्पोरेशन के अफसर-कर्मचारी खफा हैं। इसे लेकर पिछले काफी समय से अफसर-कर्मचारी यूनियन आंदोलनरत हैं। सभी दोपहर तक कार्य करने के बाद जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। बावजूद इसके सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
इससे गुस्साएं अफसर-कर्मचारी संगठनों ने मंगलवार को प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार का एलान किया था। रोजाना की तरह अफसर-कर्मचारी ऑफिस पहुंचे मगर किसी ने न तो पटल पर बैठकर काम किया और न ही फील्ड वर्क निपटाए। सभी कार्य पूरी तरह से ठप रहे।
इनके हड़ताल पर रहने से एक-एक करके विद्युत फीडर तकनीकी खामी के चलते बंद होते चले गए। इनमें भवानीपुर, रोटीगोदाम, कटीली, सिधौली, महमूदाबाद, बिसवां एवं मिश्रिख, महोली नगर आदि फीडर शामिल रहे। इस कारण इन फीडरों से जुड़े इलाकों की बिजली भी गुल रही। ऐसा होने से दोपहर बाद लोगों के घरों व दुकानों में लगे इनवर्टर भी बोल गए।
ऐसे में यहां के लोगों को गर्मी में दिक्कतें उठानी पड़ी। यही नहीं लोगों को पेयजल समस्याओं से भी जूझना पड़ा। निगरानी के अभाव में विद्युत लाइनों में लोकल शिकायतें भी आनी शुरू हो गईं। पर किसी ने भी उन्हें अटेंड नहीं किया है। बिलिंग काउंटर बंद होने के चलते बिलों की अदायगी करने पहुंचे उपभोक्ताओं को मायूस होकर वापस लौटना पड़ता।
कार्य बहिष्कार कर बुलंद की आवाज, बुद्धि-शुद्धि को हवन
निजीकरण के विरोध में मंगलवार को पावर कॉर्पोरेशन के अफसर-कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर अपनी आवाज बुलंद की। शहर के अधिशासी अभियंता कार्यालय के समक्ष आयोजित सभा में यूनियन नेताओं ने सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।
जूनियर इंजीनियर संगठन के अध्यक्ष वीके सिंह ने कहा कि सरकार वर्षों से लंबित पड़े जर्जर तारों के प्राकलन को पास नहीं कर रही और कम बजट होने का बहाना बना रही है। यदि सरकार को व्यवस्था सुधारनी ही है तो ग्रामीण क्षेत्र की व्यवस्था सुधारे।
धरने को अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह, अधिशासी अभियंता एके श्रीवास्तव, एसडीओ नगर रवि कुमार, आरएन राठौर, सत्यपाल, दिग्विजय सिंह ने भी संबोधित किया। इनके अलावा समर्थन में रालोद के आरपी सिंह चौहान, धीरज सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे।
उधर, पावर कॉर्पोरेशन के हड़ताली कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन भी किया। इसमें दोनों की बुद्धि खुलने की आहुतियां दीं। जिससे कि वे निजीकरण के इस फैसले को वापस ले लें।