अमृत महोत्सव: क्रांतिकारियों की ‘शौर्यगाथा’ से झिलमिला उठा आसमान, 515 ड्रोन ने आकाश में बयां किया देशप्रेम का जज्बा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1918 से 1927 के बीच भी दुनिया ने महामारी का सामना किया था, पर उस वक्त सरकार ने सुधि नहीं ली थी। दुनिया आज भी महामारी से जूझ रही है, लेकिन अब भारत के बेहतरीन प्रबंधन को दुनिया सराह रही है।
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घने कोहरे के बीच आसमान में झांकी की रानी लक्ष्मी बाई की चमकती तलवार...। आंखों के सामने तैरता काकोरी ट्रेन एक्शन का जीवंत दृश्य... और फिर नेताजी सुभाष चंद्र बोस का रुद्र रूप..., चौरी चौरा कांड... फिर एक के बाद एक आसमान के कैनवास पर रंगीन रोशनी से देश प्रेम का जज्बा जगाती क्रांतिकारियों की शौर्यगाथा..., जिसे देखने के लिए लोग एकटक आसमान में नजरें गढ़ाए रहे। मौका था सोमवार को रेजीडेंसी में आजादी के अमृत महोत्सव एवं चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव के तहत आयोजित लाइट एंड साउंड शो का, जिसमें 515 ड्रोन की मदद से क्रांतिकारियों की ‘शौर्यगाथा’ का प्रदर्शन किया गया था। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया।
शो के जरिये 1857 से 1947 तक की आजादी में क्रांतिकारियों की शौर्य और पराक्रम को दर्शाया गया। पर्यटन व संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित यह अपनी तरह का पहला मेगा ड्रोन शो था, जिसमें अब तक सबसे अधिक 515 ड्रोन के जरिये रूस के इंजीनियरों ने पांच मिनट तक रेजीडेंसी के आसमान में देशप्रेम का जज्बा बिखेरा। शो को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक रेजीडेंसी पहुंचे थे। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि इससे पूर्व मुंबई में ढाई सौ तथा प्रयागराज के कुंभ में सौ ड्रोन का प्रदर्शन किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘प्रथम स्वतंत्रता संग्राम’ पुस्तक का विमोचन भी किया। साथ ही एक दिन में चौरी चौरा से संबंधित 23 हजार वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करने के लिए गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट भी उन्हें सौंपा गया।
आजादी के अमृत महोत्सव ने देश को जोड़ने का काम किया : सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1918 से 1927 के बीच भी दुनिया ने महामारी का सामना किया था, पर उस वक्त सरकार ने सुधि नहीं ली थी। दुनिया आज भी महामारी से जूझ रही है, लेकिन अब भारत के बेहतरीन प्रबंधन को दुनिया सराह रही है। मुफ्त जांच, वैक्सीन व इलाज प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर से 370 हटेगा, ऐसा किसी को विश्वास नहीं था। न ही अयोध्या में राम मंदिर के बनने की आशा थी। पर, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह काम हुए। काशी में भव्य धाम देश को समर्पित किया गया। एक ओर शिवजी की पूजा हुई और दूसरी ओर श्रमिकों को सम्मान दिया गया। सीएम ने यह भी कहा कि भारत की आत्मा राष्ट्रवाद के प्रति काम करने की प्रेरणा देती है। आजादी का अमृत महोत्सव ने देश को जोड़ने का काम किया है, उसी कड़ी में रेजीडेंसी का यह कार्यक्रम है। आजादी के मतवालों ने देश को एकसूत्र में पिरोने का कार्य किया है।
रेजीडेंसी की दीवारों के निशां, दिलाते हैं याद
कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय संस्कृति राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि रेजीडेंसी की दीवारों पर गोलों व गोलियों के निशान वीरों व वीरांगनाओं के शौर्य की याद दिलाते हैं। उनकी अमरगाथा को बताते हैं, जिन्होंने अंग्रेजों को लोहे के चने चबवा दिए। उन्होंने कहा कि जैसे पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाया, वैसे ही सीएम योगी भी प्रदेश को आगे ले जा रहे हैं। सूबे संस्कृति व पर्यटन राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि आने वाली पीढ़ियां क्रांतिकारियों के जज्बे को समझें, जानें, इस भाव से यह कार्यक्रम कराया जा रहा है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन व सुरेश खन्ना के अतिरिक्त विधायक डॉ. नीरज बोरा, मेयर संयुक्ता भाटिया उपस्थित रहीं।
चौरी चौरा के वीरों ने...
मेगा ड्रोन शो से पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एक ओर जहां संगीत नाटक अकादमी के कलाकारों ने चौरी चौरा के वीरों ने... गीत पर कथक के जरिये देशप्रेम का जज्बा पैदा किया। वहीं, ललित कला अकादमी के कलाकारों ने क्रांतिकारियों के जज्बे पर आधारित 75 मीटर लंबी पेंटिंग बनाई। इसी क्रम में भातखंडे के 75 कलाकारों ने वंदे मातरम... की प्रस्तुति दी। जबकि लोकगायक ब्रह्मापाल ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उन्होंने देशभक्ति से प्रेरित गीत सारे जहां से अच्छा..., अपना भारत देश महान सुनाया... सुनाया।