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यूपीः प्लाज्मा दान करने वालों को मिलेंगे 500 रुपये, केजीएमयू के बाद पीजीआई को भी मिली अनुमति
Sun, 03 May 2020 07:24 PM IST
ishwar ashish
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 03 May 2020 07:24 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
उत्तर प्रदेश में प्लाज्मा दान करने वालों को 500 रुपये दिया जाएगा। यह रकम यात्रा भत्ता के रूप में प्लाज्मा दान करने के तुरंत बाद दी जाएगी। यही नहीं, केजीएमयू के साथ अब संजय गांधी पीजीआई भी प्लाज्मा दान कराएगा।
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इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की ओर से शुरू की गई ट्रायल में केजीएमयू के बाद एसजीपीजीआई को भी इसकी अनुमति मिल गई है। एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि संस्थान में पूरे प्रदेश के मरीज डोनेशन कर सकते हैं। केजीएमयू में कोरोना संक्रमित पाए गए उरई के डॉक्टर को प्लाज्मा थेरेपी दी जा चुकी है। इसके बाद यहां प्लाज्मा डोनेशन शुरू कर दिया गया है।
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रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल की तैयारी शुरू
एसजीपीजीआई में रेंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल की तैयारी शुरू कर दी गई है। सप्ताह भर बाद इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। सूत्रों का कहना है कि पहले चरण में 10 से 12 मरीजों को ट्रायल में शामिल किया जाएगा। एसजीपीजीआई में सबसे गंभीर कोरोना के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।
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ऐसे में मरीजों का ब्योरा आईसीएमआर को दिया जाएगा। फिर मरीजों पर एसेसमेंट किया जाता है। इसमें हर मरीज को डॉक्टर अपनी मर्जी से थेरेपी नहीं दी जाती है। बल्कि गंभीर और साधारण दोनों तरह के मरीज इसमें शामिल किया जाता है। एक मरीज को थेरेपी देने के बाद किसी दूसरे मरीज को थेरेपी दी जाती है। फिर देखा जाता है कि किस मरीज में थेरेपी का कितना असर हुआ। हर स्तर पर मूल्यांकन के बाद उसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
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प्रदेशभर के मरीजों की सूची बनाएगा पीजीआई
एसजीपीजीआई प्रदेश के कोरोना वायरस मरीजों की सूची तैयार करेगा। राजधानी सहित विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराकर ठीक होने वाले एक-एक मरीज का डाटा रखेगा और बाद में उनका मूल्यांकन किया जाएगा। आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार जिन लोगों का प्लाज्मा बेहतर होने की संभावना रहेगी, उन्हें पीजीआई बुलाया जाएगा।