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UP News: यूपी में बढ़ेंगी एमबीबीएस की 500 और पीजी की 200 सीटें, भेजा गया प्रस्ताव; नए सत्र के लिए तैयारी शुरू
Mon, 18 May 2026 08:40 AM IST
Bhupendra Singh
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Mon, 18 May 2026 08:40 AM IST
सार
यूपी में एमबीबीएस की 500 और पीजी की 200 सीटें बढ़ेंगी। इस सत्र के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। नए सत्र के लिए तैयारी शुरू हो गई है। एनएमसी के निरीक्षण के वक्त प्रधानाचार्यों को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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MBBS Student (Demo)
- फोटो : Freepik
विस्तार
उत्तर प्रदेश में सरकारी एवं स्वशासी मेडिकल कॉलेजों में यूजी ( एमबीबीएस) की 500 और पीजी (एमडी- एमएस, डीएम- एमसीएच) की करीब 200 सीटें बढाने की तैयारी है। इसके लिए प्रस्ताव नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) को भेज दिया गया है। सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया कि सीटें बढ़ाने से पहले होने वाले निरीक्षण की सभी तैयारी पूरी रखें।
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प्रदेश में अभी एमबीबीएस की सरकारी क्षेत्र की 5250, एमडी- एमएस की 1906 और डीएम- एमसीएच की 295 सीटें हैं। इसी तरह निजी कॉलेजों में एमबीबीएस की 6600 और एमडी-एमएस की 2104 सीटें हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय ने यूजी की करीब 500 और पीजी की करीब 200 सीटों का प्रस्ताव नेशनल मेडिकल कमीशन को भेजा है।
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अलग- अलग विभाग में पांच से 15 तक बढ़ाने की तैयारी
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में जहां 200 सीटें हैं, वहां 25 से 30 सीटों का प्रस्ताव है। इसी तरह पहले चरण के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में अभी 100-100 सीटें हैं। यहां 150 करने का प्रस्ताव है। इन कॉलेजों में पीजी की सीटें भी अलग- अलग विभाग में पांच से 15 तक बढ़ाने की तैयारी है।डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 500 बेड का नया अस्पताल बनना है। यहां फैकल्टी की भर्ती हो चुकी है। ऐसे में यहां एमबीबीएस की सीटें 200 से बढ़ाकर 250 करने और पीजी की सीटें 150 करने की तैयारी है। यहां विभिन्न विभागों में डीएम और एमसीएच की सीटें भी बढ़ाने का प्रस्ताव है।
इसी तरह एसजीपीजीआई ने भी डीएम और एमसीएच सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने को मंजूरी देने से पहले एनएमसी की ओर से टीमें भेजी जाएंगी। जून और जुलाई माह में यह टीमें अस्पतालों के संकाय सदस्यों, अन्य कर्मचारियों , लैब और आधारभूत सुविधाओं की जांच करेगी। सुविधाएं मानक के अनुरूप पाए जाने पर सीट बढ़ोत्तरी के लिए मंजूरी देगी।
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लगातार हो रही है भर्ती
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों की लगातार भर्ती हो रही है। जिन कॉलेजों से सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है, वहां नियमित साक्षात्कार का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है।चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि नेशनल मेडिकल कमीशन की टीम के निरीक्षण से पहले सभी तैयारी पूरी कर लें। ताकि सीट बढ़ाने के आवेदन के अनुसार सभी सुविधाएं मुकम्मल मिले।
अगले सत्र के लिए अभी से तैयारी जारी रखें
प्रधानाचार्यों को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि किसी कारणवश संबंधित कॉलेज की सीटें नहीं बढ़ती हैं तो अगले सत्र के लिए अभी से तैयारी जारी रखें। अगले सत्र में किसी तरह की कमी न होने पाए। जिन कॉलेजों को पीजी की सीटें नहीं मिल पाएंगी वे डीएनबी के लिए भी आवेदन कर रहे हैं।उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। एमबीबीएस के साथ ही पीजी की सीटें भी चरणवद्ध तरीके से बढ़ाई जा रही है। जिन कॉलेजों ने संसाधन मुकम्मल हैं, उन्होंने सीट बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद है कि इस बार पीजी की ज्यादातर सीटें मिल जाएंगी।