लखनऊ: पर्यावरण सुधारने पर खर्च होंगे 50 करोड़, पार्कों को किया जाएगा विकसित
महापौर ने बताया कि शहर के 381 अविकसित और 325 अर्धविकसित पार्कों को पूरी तरह से विकसित किया जाएगा। इस कार्य पर 34.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जिन पार्कों में महिलाएं टहलने के लिए ज्यादा जाती हैं, वहां पिंक यूरीनल बनाए जाएंगे।
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राजधानी लखनऊ में हरियाली बढ़ाकर पर्यावरण को सुधारने पर 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें शहर के 706 पार्कों को विकसित किए जाएगा और अमीनाबाद सहित शहर के दस प्रमुख बाजारों-मार्गों में ग्रीन बफर जोन बनाए जाएंगे। महापौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में 15वें वित्त आयोग के बजट से कराए जाने वाले कार्यों को मंजूरी दी गई। इसमें नगर आयुक्त के अलावा प्रशासन, एलडीए, लोक निर्माण विभाग और जलकल विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
महापौर ने बताया कि शहर के 381 अविकसित और 325 अर्धविकसित पार्कों को पूरी तरह से विकसित किया जाएगा। इस कार्य पर 34.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जिन पार्कों में महिलाएं टहलने के लिए ज्यादा जाती हैं, वहां पिंक यूरीनल बनाए जाएंगे। पार्कों में वो पौधे अधिक लगाए जाएंगे जो सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देते हैं। इकोलॉजिकल सिस्टम विकसित करने के लिए संकरी पौधे व मंगल वाटिका भी विकसित की जाएगी।
बाजारों में बनेंगे ग्रीन बफर जोन
बजट से करीब 15 करोड़ खर्च कर शहर के प्रमुख मार्गों व बाजारों में ग्रीन बफर जोन और कॉरिडोर बनाए जाएंगे। जिन बाजारों में ग्रीन कॉरिडोर और बफर जोन बनाए जाएंगे, उनमें वह पांच मॉडल बाजार भी शामिल हैं, जिनका प्रस्ताव नगर निगम सदन ने पास किया था। उनमें अमीनाबाद, यहियागंज, चौक, भूतनाथ व आलमबाग बाजार शामिल है।
यहां बनेंगे ग्रीन कॉरिडोर
शहीद पथ के किनारे, विक्रमादित्य मार्ग व रेलवे लाइन के किनारे 50 मीटर तक, आईआईएम तिराहा सीतापुर रोड, आईआईएम तिराहा से यादव तिराहा, यादव तिराहा से हरदोई रोड तक, एयरपोर्ट वीआईपी एंट्री से कानपुर रोड तक, विजयीपुर अंडरपास से पिकप भवन और आईजीपी चौराहा से फैजाबाद रोड तक।