लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय की परीक्षा के लिए सभी कॉलेजों को अ, ब तथा स की श्रेणी में बांटा गया है। अ श्रेणी के कॉलेजों को स्वकेंद्र की सुविधा दी जाएगी। अन्य श्रेणी के संस्थानों में अतिरिक्त पर्यवेक्षक लगाकर परीक्षा कराई जाएगी। नकल रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव स्ट्रीमिंग होगी। विवि की परीक्षा समिति में परीक्षा से संबंधित कई फैसले किए गए। इसके तहत विद्यार्थियों की फेस रिक्गिनेशन सिस्टम से उपस्थिति दर्ज कराने, उपस्थिति के आधार पर किसी को भी परीक्षा से न रोके जाने और परीक्षा के दौरान अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी या फिर विद्यार्थी के कोरोना पीड़ित पाए जाने पर उसका पूरा इलाज विवि द्वारा कराये जाने और मौत की दशा में परिवार के लिए पांच लाख रुपये की मदद करने का प्रस्ताव भी समिति की बैठक में पास किया गया। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक हुई। बैठक में विवि द्वारा परीक्षा केंद्रों के लिए आईपी आधारित सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य करने की सूचना दी गई। परीक्षा विभाग द्वारा संभावित परीक्षा कलेंडर जारी किया गया है। लॉकडाउन से इस बार कक्षाओं का संचालन सुचारु रूप से नहीं हो सका है। इसको देखते हुए समिति ने किसी भी विद्यार्थी को उसकी उपस्थिति के आधार पर नहीं रोकने का फैसला किया गया। समिति द्वारा परीक्षा करवाए जाने के संबंध में प्रस्तावित किया गया कि लॉकडाउन की स्थिति के आधार पर 30 जून के बाद संस्थान खुलते हैं, तो 6 जुलाई से प्रस्तावित शिड्यूल के अनुरूप परीक्षाएं होंगी। लॉकडाउन 30 जून के बाद भी नहीं खुलता है, तो कुलपति इस संबंध में निर्णय लेंगे। सत्रांत परीक्षा में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य किया गया है। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. विनीत कंसल, वित्त अधिकारी जीपी सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजीव कुमार के साथ ही डॉ. मौलिंदु मिश्रा, प्रो. एचके पालीवाल, प्रो. एसपी शुक्ला, प्रो. सुबोध बैरिया, प्रो. एमके दता, डॉ. वंदना सहगल, डॉ. अनुराग त्रिपाठी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगा वाइवा एमटेक, एमफार्म, एमआर्क, बीटेक के वाइवा वीडियो कांफ्रेंसिंग से होंगे। लॉकडाउन की वजह से वाइवा का काम रुका हुआ था। इसको देखते हुए विवि प्रशासन ने यह निर्णय किया है।