राजस्थान के कोटा से छात्रों को लाएंगी 450 बसें, घरों तक पहुंचाए जाएंगे पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के छात्र
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लॉकडाउन के चलते राजस्थान के कोटा शहर में फंसे प्रदेश के कई जिलों के छात्रों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। इसके लिए करीब 450 बसें उत्तर प्रदेश से राजस्थान पहुंच चुकी हैं। ये बसें कोटा में फंसे पूर्वांचल व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छात्रों को उनके घरों तक पहुंचाएंगी।
शुक्रवार शाम राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलौत ने ट्वीट करके कहा कि जिस तरह यूपी सरकार ने कोटा में रह रहे अपने प्रदेश के छात्रों को वापस बुलाया है उसी तरह अन्य राज्य भी कर सकते हैं। कोटा के छात्रों को संबंधित राज्यों की सहमति से वापस भेजा जा सकता है ताकि युवा छात्र-छात्राओं में घबराहट न फैले और वे तनाव न महसूस करें।
कोरोना वायरस को लेकर लागू लॉकडाउन को देखते हुए कोटा में भी शिक्षण संस्थान बंद हैं। चूंकि लॉकडाउन लंबा होने से यहां रह रहे छात्रों को भोजन समेत अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे निजात के लिए कोटा के शिक्षण संस्थानों ने राजस्थान सरकार से छात्रों और कुछ अभिभावकों को उत्तर प्रदेश भेजने का आग्रह किया था। इस पर राजस्थान सीमा के नजदीक आगरा व झांसी जिलों के बस अड्डों से बसों को रवाना करने का फैसला किया गया।
जानकारों के अनुसार, आगरा से करीब ढाई सौ और झांसी से लगभग सौ बसों को राजस्थान भेज दिया गया है। पूर्वांचल की तरफ जाने वाली बसें झांसी होकर और पश्चिमी यूपी की तरफ जाने वाली बसें आगरा होकर छात्रों को उनके घरों तक पहुंचाएंगी। बताया गया कि छात्रों और अभिभावकों को क्रमवार सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन करते हुए बसों में बैठने की जानकारी दे दी गई है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री बोले, राज्य सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री अशोक गहलौत ने एक अन्य ट्वीट में कहा है कि लॉकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंसे राजस्थान के श्रमिकों एवं यहां रह रहे अन्य राज्यों के मजदूरों की परेशानियों को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। उन्हें अपने-अपने घर तक पहुंचाने के लिए हम लगातार भारत सरकार से बातचीत कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इसका कोई हल निकलेगा।