{"_id":"5b0853714f1c1ba96e8b4854","slug":"41527272305-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मधवापुर के पास 40 मिनट तक दहाड़ता रहा तेंदुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मधवापुर के पास 40 मिनट तक दहाड़ता रहा तेंदुआ
Updated Fri, 25 May 2018 11:48 PM IST
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उर्रा (बहराइच)। ककरहा रेंज के मधवापुर गांव के पास गुरुवार देर रात जंगल से निकलकर एक तेंदुआ पहुंच गया। ग्रामीणों ने टार्च की रोशनी में देखा, तब हड़कंप मचा। 40 मिनट तक तेंदुआ गांव के निकट स्थित बशीर फार्म में दहाड़ता रहा।
जंगल में जल स्रोत सूखने के चलते दुर्लभ वन्यजीव भटक कर आबादी की ओर पहुंच रहे हैं। बीते एक पखवारे में वन्यजीवों के जंगल से निकलने की घटनाएं बढ़ी हैं। गुरुवार रात 10 बजे के आसपास मधवापुर गांव के लोग सोने की तैयारी कर रहे थे।
तभी तेंदुए की गुर्राहट सुनाई पड़ी। समूह में ग्रामीण गांव के बाहर पहुंचे तो टार्च की रोशनी में गांव से सटे बशीर फार्म में तेंदुए को देखा। लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने मशाल जला दिया। फिर भी 40 मिनट तक तेंदुआ मौके पर जमा रहा।
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गनीमत रही कि शोर होने और मशाल जलने के चलते उसने हमला नहीं किया। इस दौरान रेंज कार्यालय ककरहा को सूचना दी गई। रात में वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र मौर्या टीम के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक तेंदुआ जंगल की ओर जा चुका था। पदचिन्हों से उसके मादा तेंदुआ होने की पुष्टि हुई।
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जंगल में जल स्रोत सूखने के चलते दुर्लभ वन्यजीव भटक कर आबादी की ओर पहुंच रहे हैं। बीते एक पखवारे में वन्यजीवों के जंगल से निकलने की घटनाएं बढ़ी हैं। गुरुवार रात 10 बजे के आसपास मधवापुर गांव के लोग सोने की तैयारी कर रहे थे।
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तभी तेंदुए की गुर्राहट सुनाई पड़ी। समूह में ग्रामीण गांव के बाहर पहुंचे तो टार्च की रोशनी में गांव से सटे बशीर फार्म में तेंदुए को देखा। लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने मशाल जला दिया। फिर भी 40 मिनट तक तेंदुआ मौके पर जमा रहा।
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गनीमत रही कि शोर होने और मशाल जलने के चलते उसने हमला नहीं किया। इस दौरान रेंज कार्यालय ककरहा को सूचना दी गई। रात में वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र मौर्या टीम के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक तेंदुआ जंगल की ओर जा चुका था। पदचिन्हों से उसके मादा तेंदुआ होने की पुष्टि हुई।