{"_id":"5ad23bd24f1c1b9e098b4908","slug":"41523727314-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाई शेप में मोदहा क्रॉसिंग पर बनेगा ओवरब्रिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाई शेप में मोदहा क्रॉसिंग पर बनेगा ओवरब्रिज
Updated Sat, 14 Apr 2018 11:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फैजाबाद। शहर के मोदहा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने की संभावना तेज होती जा रही हैं। सेतु निगम ने ओवरब्रिज की ड्राइंग तैयार कर ली है। यह ओवरब्रिज वाई शेप में बनाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन व सेतु निगम की टीम पूर्व में ही निरीक्षण कर चुकी है। साथ ही प्रशासन ने रेलवे से ओवरब्रिज बनाने के लिए भूमि मांगी है। तीन हजार वर्ग मीटर से अधिक भूमि रेलवे से ली जाएगी। रेलवे की ओर से सहमति मिलते ही भूमि का स्थानांतरण व डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
शहर में बीच में पांच रेलवे क्रॉसिंग हैं। इसमें आचार्य नरेंद्र देव स्टेशन को छोड़कर किसी भी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज नहीं है। इससे ट्रेनों के आवागमन के समय रेलवे क्रॉसिंगों पर लंबा जाम लगता है। मोदहा रेलवे क्रॉसिंग की स्थिति यह है कि जंक्शन से बिल्कुल सटा होने के कारण ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदलने के लिए क्रॉसिंग को बंद करना पड़ता है। इसके चलते मोदहा रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की स्थिति बराबर बनी रहती है। खास तौर से परिक्रमा के समय में पुलिस प्रशासन व रेलवे विभाग को मोदहा क्रॉसिंग पर काफी मशक्कत करनी पड़ती है। कारण यह है कि यह क्रॉसिंग परिक्रमा मार्ग पर भी स्थित है। इन तमाम परिस्थितियों के बीच सांसद लल्लू सिंह व प्रशासन की ओर से मोदहा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यहां ओवरब्रिज के लिए पर्याप्त भूमि का न होना सबसे बड़ी दिक्कत है। मौजूदा समय में क्रॉसिंग पर मात्र नौ मीटर जगह है, जबकि ओवरब्रिज के निर्माण के लिए कम से कम 18 मीटर जगह चाहिए। इसके लिए आसपास रेलवे की खाली भूमि मिल जाती है तो ओवरब्रिज का निर्माण हो सकता है। इसके लिए प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर रेलवे से भूमि मांगी है। साथ ही पत्र में यह भी बताया गया कि इससे परिक्रमार्थियों व स्थानीय लोगों की समस्याएं दूर होंगी। दूसरी ओर पत्र जाने के साथ सेतु निर्माण निगम ने ओवरब्रिज की पूरी ड्राइंग तैयार कर ली है। यह ओवरब्रिज वाई शेप में बनेगा। ओवरब्रिज कौशलपुरी तिराहे से शुरू होगा। इसका एक हिस्सा परिक्रमा मार्ग के पास स्थित स्कूल व दूसरा हिस्सा सीधे कलेक्ट्रेट की ओर जाने वाले मार्ग पर गिरेगा। ओवरब्रिज क्रॉसिंग से कुछ पहले वाई शेप में विभक्त होगा। हालांकि यह पूरी प्रक्रिया तभी पूर्ण हो पाएगी, जब रेलवे अपनी भूमि प्रशासन का स्थानांतरित करे।
तीन क्रॉसिंगों पर नहीं बन पाएंगे ओवरब्रिज
यह सत्य है कि शहर जाम की जद में है। क्रॉसिंगों पर लंबे जाम लग रहे हैं। दो वर्ष पूर्व शहर की सभी क्रॉसिंगों पर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव आया था, लेकिन भूमि की कमी के चलते ओवरब्रिज बनाने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया है। इसमें फतेहगंज रेलवे क्रॉसिंग, लालबाग रेलवे क्रॉसिंग व बेनीगंज रेलवे क्रॉसिंग हैं। तीनों क्रॉसिंगों पर मानक के अनुसार 18 मीटर की जगह उपलब्ध नहीं है। साथ ही यहां घनी आबादी होने के कारण अधिग्रहण भी किया जाना असंभव है। इसके चलते इस तीनों क्रॉसिंगों पर फिलहाल ओवरब्रिज बनने की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं।
विज्ञापन
चल रही है कवायद
मोदहा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की कवायद चल रही है। पर्याप्त भूमि न होने के चलते प्रशासन की ओर से पत्र लिख कर रेलवे से भूमि मांगी गई है। कार्यदायी संस्था होने के कारण सेतु निगम ने फिलहाल ड्राइंग तैयार कर ली है।
- आरयू खान, प्रोजेक्ट मैनेजर सेतु निर्माण निगम
विज्ञापन
शहर में बीच में पांच रेलवे क्रॉसिंग हैं। इसमें आचार्य नरेंद्र देव स्टेशन को छोड़कर किसी भी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज नहीं है। इससे ट्रेनों के आवागमन के समय रेलवे क्रॉसिंगों पर लंबा जाम लगता है। मोदहा रेलवे क्रॉसिंग की स्थिति यह है कि जंक्शन से बिल्कुल सटा होने के कारण ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदलने के लिए क्रॉसिंग को बंद करना पड़ता है। इसके चलते मोदहा रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की स्थिति बराबर बनी रहती है। खास तौर से परिक्रमा के समय में पुलिस प्रशासन व रेलवे विभाग को मोदहा क्रॉसिंग पर काफी मशक्कत करनी पड़ती है। कारण यह है कि यह क्रॉसिंग परिक्रमा मार्ग पर भी स्थित है। इन तमाम परिस्थितियों के बीच सांसद लल्लू सिंह व प्रशासन की ओर से मोदहा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यहां ओवरब्रिज के लिए पर्याप्त भूमि का न होना सबसे बड़ी दिक्कत है। मौजूदा समय में क्रॉसिंग पर मात्र नौ मीटर जगह है, जबकि ओवरब्रिज के निर्माण के लिए कम से कम 18 मीटर जगह चाहिए। इसके लिए आसपास रेलवे की खाली भूमि मिल जाती है तो ओवरब्रिज का निर्माण हो सकता है। इसके लिए प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर रेलवे से भूमि मांगी है। साथ ही पत्र में यह भी बताया गया कि इससे परिक्रमार्थियों व स्थानीय लोगों की समस्याएं दूर होंगी। दूसरी ओर पत्र जाने के साथ सेतु निर्माण निगम ने ओवरब्रिज की पूरी ड्राइंग तैयार कर ली है। यह ओवरब्रिज वाई शेप में बनेगा। ओवरब्रिज कौशलपुरी तिराहे से शुरू होगा। इसका एक हिस्सा परिक्रमा मार्ग के पास स्थित स्कूल व दूसरा हिस्सा सीधे कलेक्ट्रेट की ओर जाने वाले मार्ग पर गिरेगा। ओवरब्रिज क्रॉसिंग से कुछ पहले वाई शेप में विभक्त होगा। हालांकि यह पूरी प्रक्रिया तभी पूर्ण हो पाएगी, जब रेलवे अपनी भूमि प्रशासन का स्थानांतरित करे।
विज्ञापन
तीन क्रॉसिंगों पर नहीं बन पाएंगे ओवरब्रिज
यह सत्य है कि शहर जाम की जद में है। क्रॉसिंगों पर लंबे जाम लग रहे हैं। दो वर्ष पूर्व शहर की सभी क्रॉसिंगों पर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव आया था, लेकिन भूमि की कमी के चलते ओवरब्रिज बनाने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया है। इसमें फतेहगंज रेलवे क्रॉसिंग, लालबाग रेलवे क्रॉसिंग व बेनीगंज रेलवे क्रॉसिंग हैं। तीनों क्रॉसिंगों पर मानक के अनुसार 18 मीटर की जगह उपलब्ध नहीं है। साथ ही यहां घनी आबादी होने के कारण अधिग्रहण भी किया जाना असंभव है। इसके चलते इस तीनों क्रॉसिंगों पर फिलहाल ओवरब्रिज बनने की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं।
विज्ञापन
चल रही है कवायद
मोदहा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की कवायद चल रही है। पर्याप्त भूमि न होने के चलते प्रशासन की ओर से पत्र लिख कर रेलवे से भूमि मांगी गई है। कार्यदायी संस्था होने के कारण सेतु निगम ने फिलहाल ड्राइंग तैयार कर ली है।
- आरयू खान, प्रोजेक्ट मैनेजर सेतु निर्माण निगम