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हेरिटेज वॉक से जानी रामनगरी की पौराणिकता
Updated Sat, 14 Apr 2018 11:05 PM IST
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अयोध्या। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद में संचालित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रतिभाग करने आये देश-विदेश के वैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों ने कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित के निर्देशन में शनिवार को अयोध्या में हेरिटेज वॉक किया। इस दौरान रामनगरी की पौराणिकता की अभिव्यक्ति एवं अनुभुति होती नजर आई।
अयोध्या में हेरिटेज वॉक में शिक्षाविदों व वैज्ञानिकों ने अयोध्या के पौराणिक महत्व को जानने के लिए कंचन घाट, ऋणमोचन घाट, झुनकी घाट, गोला घाट, लक्ष्मण घाट, सहस्र धारा, शेषावतार मंदिर, नागेश्वरनाथ, मुक्तिगली, राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी जैसे प्रमुख स्थलों को देखा तो उनकी आध्यात्मिक आभा से अभिभूत होते नजर आए। कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने बताया कि पुण्य सलिला सरयू हिमालय की गोद से निकलकर वर्ष भर बहने वाली नदी अयोध्या से पहले घाघरा के नाम से जानी जाती है। कुलपति प्रो. दीक्षित ने विभिन्न मंदिरों की पौराणिकता से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अयोध्या को हेरिटेज सिटी घोषित किये जाने की आवश्यकता है।
अयोध्या के आध्यात्मिक इतिहास को सुन कर शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों ने काफी आश्चर्य व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनोद कुमार सिंह, कुलानुशासन प्रो. आरएन राय, हिसार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टी चंद्रशेखर, दक्षिण अफ्रीका के प्रोफेसर ओडी मैकंडे, पूर्व कुलपति निम्सेजी, डॉ. शैलेंद्र वर्मा, प्रो. आरके सिंह, डॉ. महेन्द्र पाठक सहित शोधार्थी एवं वालंटियर ने हेरिटेज वॉक में भाग लिया।
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अयोध्या में हेरिटेज वॉक में शिक्षाविदों व वैज्ञानिकों ने अयोध्या के पौराणिक महत्व को जानने के लिए कंचन घाट, ऋणमोचन घाट, झुनकी घाट, गोला घाट, लक्ष्मण घाट, सहस्र धारा, शेषावतार मंदिर, नागेश्वरनाथ, मुक्तिगली, राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी जैसे प्रमुख स्थलों को देखा तो उनकी आध्यात्मिक आभा से अभिभूत होते नजर आए। कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने बताया कि पुण्य सलिला सरयू हिमालय की गोद से निकलकर वर्ष भर बहने वाली नदी अयोध्या से पहले घाघरा के नाम से जानी जाती है। कुलपति प्रो. दीक्षित ने विभिन्न मंदिरों की पौराणिकता से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अयोध्या को हेरिटेज सिटी घोषित किये जाने की आवश्यकता है।
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अयोध्या के आध्यात्मिक इतिहास को सुन कर शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों ने काफी आश्चर्य व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनोद कुमार सिंह, कुलानुशासन प्रो. आरएन राय, हिसार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टी चंद्रशेखर, दक्षिण अफ्रीका के प्रोफेसर ओडी मैकंडे, पूर्व कुलपति निम्सेजी, डॉ. शैलेंद्र वर्मा, प्रो. आरके सिंह, डॉ. महेन्द्र पाठक सहित शोधार्थी एवं वालंटियर ने हेरिटेज वॉक में भाग लिया।
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