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...दुनिया में अपनी पहचान तिरंगा है
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:47 PM IST
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बहराइच। शहर के हुजूरपुर रोड पर स्थित रायपुर राजा मोहल्ले के कटी चौराहे पर गुरुवार की रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसके मुख्य अतिथि पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी व विशिष्ट अतिथि एसपी सिटी कमलेश दीक्षित रहे। दीप प्रज्जवलन के साथ कवि सम्मेलन की शुरुआत हुई।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ वरिष्ठ कवि रामसूरत वर्मा जलज ने मां वीणा पाणिनि की वंदना कर किया। इसके बाद कवयित्री प्रतिभा मिश्रा ने पढ़ा- करो श्रद्धासुमन अर्पित नमन शत-शत उन्हें कर लो, जिन्होंने जान देकर जिंदा हिंदुस्तान रखा है। वरिष्ठ कवि अशोक पांडेय गुलशन ने पढ़ा - कुछ असर दिखता नहीं तब प्रार्थनाओं में, मन उलझ जाता कभी जब वासनाओं में। तारिक बहराइची ने पढ़ा - मिले न सोहरतो तमगा मुझे मलाल नहीं, मगर मिसाल में अब्दुल हमीद हो जाऊं। कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे कवि संतोष सिंह ने पढ़ा - ज्योति भारत मिशन की जलाओ पिया, आओ मिलकर के झाड़ू लगाओ पिया। कवि अतुल अवस्थी अतुल ने पढ़ा - नहीं सुरक्षा मिली तो बिटिया ने सपनों को मार दिया, यूपी दिल्ली स्वाहा कह आकांक्षा ने बाल उतार दिया। फफक-फफक बेटियां कह रहीं स्वाहा हो अनीति स्वाहा, बेटी संग जो करे सियासत उसकी राजनीति स्वाहा। कवि पीके प्रचंड ने पढ़ा - बड़ा है हाजमा तगड़ा हमारे रहनुमाओं का, खड़ंजा और नाली का भी पैसा चाप जाते हैं। नजर बहराइची ने पढ़ा - हम भारतवासी की शान तिरंगा है, दुनिया में अपनी पहचान तिरंगा है। इसके अलावा कवि सूर्यविक्रम सिंह सूर्य, दुर्गेश बदनाम, शिवेंद्र आदि ने भी काव्यपाठ किया। समापन अवसर पर नवदुर्गा पूजन समिति के संस्थापक व आयोजन समिति के महामंत्री प्रताप नारायण पाठक ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर अजय सिंह, प्रधान मोहम्मद वसीम आदि मौजूद रहे।
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कवि सम्मेलन का शुभारंभ वरिष्ठ कवि रामसूरत वर्मा जलज ने मां वीणा पाणिनि की वंदना कर किया। इसके बाद कवयित्री प्रतिभा मिश्रा ने पढ़ा- करो श्रद्धासुमन अर्पित नमन शत-शत उन्हें कर लो, जिन्होंने जान देकर जिंदा हिंदुस्तान रखा है। वरिष्ठ कवि अशोक पांडेय गुलशन ने पढ़ा - कुछ असर दिखता नहीं तब प्रार्थनाओं में, मन उलझ जाता कभी जब वासनाओं में। तारिक बहराइची ने पढ़ा - मिले न सोहरतो तमगा मुझे मलाल नहीं, मगर मिसाल में अब्दुल हमीद हो जाऊं। कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे कवि संतोष सिंह ने पढ़ा - ज्योति भारत मिशन की जलाओ पिया, आओ मिलकर के झाड़ू लगाओ पिया। कवि अतुल अवस्थी अतुल ने पढ़ा - नहीं सुरक्षा मिली तो बिटिया ने सपनों को मार दिया, यूपी दिल्ली स्वाहा कह आकांक्षा ने बाल उतार दिया। फफक-फफक बेटियां कह रहीं स्वाहा हो अनीति स्वाहा, बेटी संग जो करे सियासत उसकी राजनीति स्वाहा। कवि पीके प्रचंड ने पढ़ा - बड़ा है हाजमा तगड़ा हमारे रहनुमाओं का, खड़ंजा और नाली का भी पैसा चाप जाते हैं। नजर बहराइची ने पढ़ा - हम भारतवासी की शान तिरंगा है, दुनिया में अपनी पहचान तिरंगा है। इसके अलावा कवि सूर्यविक्रम सिंह सूर्य, दुर्गेश बदनाम, शिवेंद्र आदि ने भी काव्यपाठ किया। समापन अवसर पर नवदुर्गा पूजन समिति के संस्थापक व आयोजन समिति के महामंत्री प्रताप नारायण पाठक ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर अजय सिंह, प्रधान मोहम्मद वसीम आदि मौजूद रहे।
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