{"_id":"5c5e741fbdec2273a83ba246","slug":"40th-place-of-lucknow-in-country-in-smart-city-ranking","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"स्मार्ट सिटी में फिर पिछड़ा लखनऊ, देश व प्रदेश में मिला ये स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मार्ट सिटी में फिर पिछड़ा लखनऊ, देश व प्रदेश में मिला ये स्थान
Sat, 09 Feb 2019 12:03 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 09 Feb 2019 12:03 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वच्छता सर्वेक्षण फीड बैक में देश में अव्वल रहने वाला अपना लखनऊ स्मार्ट सिटी रैकिंग में पिछड़ गया है। देश के 98 स्मार्ट शहरों की रैकिंग में अपना शहर 40 वें स्थान पर आया है।
वहीं प्रदेश के 10 स्मार्ट शहरों में लखनऊ का पांचवां स्थान है। यह रैंकिंग स्मार्ट सिटी योजना के कार्यों की प्रगति केआधार पर केंद्र सरकार की ओर से जारी की गई है। वहीं शुक्रवार को स्मार्ट सिटी मिशन के केंद्रीय निदेशक ने स्थानीय निकाय निदेशालय में योजना के प्रगति की समीक्षा की।
इसमें काम की परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर लखनऊ स्मार्ट सिटी कंपनी के अफसरों को कड़ी फटकार लगाई और फरवरी के अंत तक टेंडर प्रक्रिया में चल रहे सभी कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी करने केनिर्देश भी दिए ताकि बाद में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता योजना के कामों के आड़े न आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं प्रदेश के 10 स्मार्ट शहरों में लखनऊ का पांचवां स्थान है। यह रैंकिंग स्मार्ट सिटी योजना के कार्यों की प्रगति केआधार पर केंद्र सरकार की ओर से जारी की गई है। वहीं शुक्रवार को स्मार्ट सिटी मिशन के केंद्रीय निदेशक ने स्थानीय निकाय निदेशालय में योजना के प्रगति की समीक्षा की।
विज्ञापन
इसमें काम की परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर लखनऊ स्मार्ट सिटी कंपनी के अफसरों को कड़ी फटकार लगाई और फरवरी के अंत तक टेंडर प्रक्रिया में चल रहे सभी कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी करने केनिर्देश भी दिए ताकि बाद में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता योजना के कामों के आड़े न आए।
विज्ञापन
374 करोड़ जारी, फिर भी एक योजना भी पूरी नहीं
डेमो
लखनऊ भी स्मार्ट बने इसके लिए केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना में शहर को अप्रैल 2016 में शामिल किया गया था। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलाकर 374 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर चुकी है, मगर अब तक शहर को स्मार्ट बनाने की एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी।
ऐसी कछुआ चाल कि पैसा ही नहीं खर्च पा रहे
आम तौर पर बजट का रोना रोया जाता हैं। यहां तो हाल उलटा है। स्मार्ट सिटी योजना से जुड़े अफसरों का कहना है अभी कमांड कंट्रोल सेंटर, कचरा प्रबधंन, सीवर-वाटर लाइन सहित जो प्रोजेक्ट पास हुए हैं, उन सभी के लिए पैसा देने के बाद भी लखनऊ स्मार्ट सिटी कंपनी 200 करोड़ रुपये भी नहीं खर्च पाएगी।
करीब 174 करोड़ रुपये बच जाएंगे। स्मार्ट सिटी योजना की इस स्थिति के लिए सूत्र कंपनी के जिम्मेदारों की सुस्ती का वजह बता रहे हैं। उनका कहना है कि अफसर प्रोजेक्ट को पास करने और उनके लिए बजट जारी करने में तेजी नहीं दिखा रहे हैं। इसकेकारण ही योजना कछुआ की तरह चल रही है।
हाल यह है एरिया बेस्ड डवलपमेंट के लिए चुने गए कैसरबाग क्षेत्र में सीवर ओर वाटर लाइन बिछाए जाने का काम तक अभी शुरू नहीं हो सका जो कि योजना का सबसे प्रमुख कार्य है।
ऐसी कछुआ चाल कि पैसा ही नहीं खर्च पा रहे
आम तौर पर बजट का रोना रोया जाता हैं। यहां तो हाल उलटा है। स्मार्ट सिटी योजना से जुड़े अफसरों का कहना है अभी कमांड कंट्रोल सेंटर, कचरा प्रबधंन, सीवर-वाटर लाइन सहित जो प्रोजेक्ट पास हुए हैं, उन सभी के लिए पैसा देने के बाद भी लखनऊ स्मार्ट सिटी कंपनी 200 करोड़ रुपये भी नहीं खर्च पाएगी।
करीब 174 करोड़ रुपये बच जाएंगे। स्मार्ट सिटी योजना की इस स्थिति के लिए सूत्र कंपनी के जिम्मेदारों की सुस्ती का वजह बता रहे हैं। उनका कहना है कि अफसर प्रोजेक्ट को पास करने और उनके लिए बजट जारी करने में तेजी नहीं दिखा रहे हैं। इसकेकारण ही योजना कछुआ की तरह चल रही है।
हाल यह है एरिया बेस्ड डवलपमेंट के लिए चुने गए कैसरबाग क्षेत्र में सीवर ओर वाटर लाइन बिछाए जाने का काम तक अभी शुरू नहीं हो सका जो कि योजना का सबसे प्रमुख कार्य है।
काम तो हुआ नहीं, कंसल्टेंट व प्रचार पर खर्च दिए लाखों
डेमो
सीवर व पानी लाइन तक नहीं बिछी
हाल यह है कि एरिया बेस्ड डवलपमेंट के लिए चुने गए कैसरबाग क्षेत्र में सीवर और पानी की लाइन बिछाए जाने का काम तक शुरू नहीं हो सका, जो योजना का सबसे प्रमुख कार्य है।
शहर को स्मार्ट बनाने के लिए मिले बजट का विकास योजनाओं पर कितना पैसा खर्च हुआ उसका लेकर जब शासन के लेखा परीक्षा विभाग ने ऑडिट की तो पता चला कि पहले साल विकास योजनाओं पर खर्च की प्रगति तो शून्य रही।
उसके बाद वित्तीय वर्ष 2017 और 2018 में सिर्फ हवाई यात्रा, विज्ञापन और स्मार्ट सिटी के लिए नियुक्त किए गए कंसल्टेंट पर क्रमश 48,15,012 रुपये और 27,03,754 रुपये खर्च हुए।
विकास कार्यों की योजनाओं पर कोई पैसा खर्च नहीं किया गया। इस सबको देखते हुए शुक्रवार को दिल्ली से आए केंद्रीय मिशन निदेशक कुणाल कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई।
हाल यह है कि एरिया बेस्ड डवलपमेंट के लिए चुने गए कैसरबाग क्षेत्र में सीवर और पानी की लाइन बिछाए जाने का काम तक शुरू नहीं हो सका, जो योजना का सबसे प्रमुख कार्य है।
शहर को स्मार्ट बनाने के लिए मिले बजट का विकास योजनाओं पर कितना पैसा खर्च हुआ उसका लेकर जब शासन के लेखा परीक्षा विभाग ने ऑडिट की तो पता चला कि पहले साल विकास योजनाओं पर खर्च की प्रगति तो शून्य रही।
उसके बाद वित्तीय वर्ष 2017 और 2018 में सिर्फ हवाई यात्रा, विज्ञापन और स्मार्ट सिटी के लिए नियुक्त किए गए कंसल्टेंट पर क्रमश 48,15,012 रुपये और 27,03,754 रुपये खर्च हुए।
विकास कार्यों की योजनाओं पर कोई पैसा खर्च नहीं किया गया। इस सबको देखते हुए शुक्रवार को दिल्ली से आए केंद्रीय मिशन निदेशक कुणाल कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई।
सुबह पड़ी फटकार तो शाम को जारी हो गया वर्क ऑर्डर
देश के टॉप फाइव
नागपुर, भोपाल,रांची,अहमदाबाद,सूरत
प्रदेश के टॉप फाइव
वाराणसी, कानपुर, आगरा, इलाहाबाद (प्रयागराज), लखनऊ
स्मार्ट सिटी योजना के तहत कैसरबाग में करीब 42 करोड़ रुपये लागत से पेयजल योजना का काम होना है। यह काम जल निगम का करना है, मगर टेंडर होने के बाद भी यह शुरू नहीं हो पा रहा था।
सुबह बैठक में जब योजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर केंद्रीय मिशन निदेशक ने नाराजगी जताई तो शाम को स्मार्ट सिटी कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी व नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने पेयजल योजना का काम शुरू करने और शेल्टर होम के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है।
इसी महीने पूरा वर्क ऑर्डर होगा जारी
स्मार्ट सिटी योजना के तहत कैसरबाग में पेयजल योजना का काम जल्द शुरू हो जाएगा। उसका वर्क आर्ड जारी हो गया है। जिन परियोजना के टेंडर हो चुके हैं उनके वर्क आर्डर इस महीने जारी कर काम शुरू करा दिया जाएगा। जो टेंडर प्रक्रिया मे हैं, उनको भी इस महीने पूरा कर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।
- इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त
नागपुर, भोपाल,रांची,अहमदाबाद,सूरत
प्रदेश के टॉप फाइव
वाराणसी, कानपुर, आगरा, इलाहाबाद (प्रयागराज), लखनऊ
स्मार्ट सिटी योजना के तहत कैसरबाग में करीब 42 करोड़ रुपये लागत से पेयजल योजना का काम होना है। यह काम जल निगम का करना है, मगर टेंडर होने के बाद भी यह शुरू नहीं हो पा रहा था।
सुबह बैठक में जब योजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर केंद्रीय मिशन निदेशक ने नाराजगी जताई तो शाम को स्मार्ट सिटी कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी व नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने पेयजल योजना का काम शुरू करने और शेल्टर होम के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है।
इसी महीने पूरा वर्क ऑर्डर होगा जारी
स्मार्ट सिटी योजना के तहत कैसरबाग में पेयजल योजना का काम जल्द शुरू हो जाएगा। उसका वर्क आर्ड जारी हो गया है। जिन परियोजना के टेंडर हो चुके हैं उनके वर्क आर्डर इस महीने जारी कर काम शुरू करा दिया जाएगा। जो टेंडर प्रक्रिया मे हैं, उनको भी इस महीने पूरा कर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।
- इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त