एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के खाते से जालसाजों ने उड़ाए 39 लाख रुपये
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के बैंक खाते से जालसाजों ने फर्जी चेक के जरिए 39 लाख रुपये पार कर दिए। पांचवीं बार चेक आने पर बैंक कर्मियों ने प्राधिकरण के अधिकारियों से संपर्क किया तो गड़बड़झाले की जानकारी हुई। प्राधिकरण ने तत्काल भुगतान पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही जांच की मांग की गई है। बैंक के मुख्य प्रबंधक ने विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रभारी निरीक्षक विभूति खंड संजय शुक्ला ने बताया, विभूतिखंड में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा है। इसके मुख्य प्रबंधक संजय कुमार के अनुसार, उनकी शाखा में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का बचत खाता है। 27 जुलाई को प्राधिकरण का 9 लाख 93 हजार का चेक अरविंद कुमार के नाम से एसबीआई वाराणसी से क्लीयर होने के लिए आया, जिसे बैंक ने पास कर दिया।
इसके बाद 31 जुलाई को दोबारा से अरविंद कुमार के नाम से 9 लाख 98 हजार चार सौ रुपये का चेक बैंक में क्लीयर होने के लिए आया, ये भी पास कर दिया गया। इसके बाद 3 अगस्त को शादाब अनवर के नाम से प्राधिकरण का 9 लाख 68 हजार पांच सौ रुपये का चेक पास किया गया। इसके दो दिन बाद यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से अशरफ नाम के व्यक्ति के लिए प्राधिकरण का 9 लाख 86 हजार सात सौ रुपये का चेक बैंक आया, इसे भी क्लीयर किया गया।
अफसरों ने बताया कि नहीं जारी किया गया कोई चेक
मुख्य प्रबंधक के मुताबिक, 6 अगस्त को शादाब, अनवर के नाम से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से प्राधिकरण का 9,85,600 रुपये का चेक आया। बैंक ने इस बाबत प्राधिकरण के अफसरों से संपर्क किया तो पता चला कि वहां से ऐसा कोई चेक जारी नहीं किया गया है।
प्राधिकरण की तरफ से किसी भी तरह के भुगतान के लिए रोक लगवाई गई। बाद में पता चला कि पूर्व में जिन चार चेकों के माध्यम से प्राधिकरण के खाते से रुपये आहरित किए गए थे, वे सभी फर्जी थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।