{"_id":"6493b20adc242d2cf70199ca","slug":"3500-crore-benefit-to-up-footwear-industry-from-quality-seal-2023-06-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: क्वालिटी मुहर से यूपी की फुटवियर इंडस्ट्री को 3500 करोड़ का लाभ, चीन के घटिया जूते-चप्पलों से मिलेगी निजात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: क्वालिटी मुहर से यूपी की फुटवियर इंडस्ट्री को 3500 करोड़ का लाभ, चीन के घटिया जूते-चप्पलों से मिलेगी निजात
Thu, 22 Jun 2023 07:59 AM IST
शाहरुख खान
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 22 Jun 2023 07:59 AM IST
सार
चर्म निर्यात परिषद का अनुमान है कि बीआईएस मुहर से उच्च गुणवत्ता के कारण भले ही फुटवियर के दाम कुछ बढ़ जाएं, लेकिन कम से कम 3500 करोड़ रुपये के आर्डर बढ़ेंगे। नए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के अनुसार, फुटवियर कारोबारियों को अपना सिस्टम बदलना होगा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एक जुलाई से भारतीय मानक ब्यूरो की मुहर अनिवार्य होने के बाद घटिया क्वालिटी के जूते-चप्पल बाजार में नहीं बिक पाएंगे। इस फैसले से सस्ते चीनी फुटवियर का 2500 करोड़ का बाजार खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगा। वहीं उत्तर प्रदेश की फुटवियर इंडस्ट्री को जबर्दस्त फायदा होगा।
चर्म निर्यात परिषद का अनुमान है कि बीआईएस मुहर से उच्च गुणवत्ता के कारण भले ही फुटवियर के दाम कुछ बढ़ जाएं, लेकिन कम से कम 3500 करोड़ रुपये के आर्डर बढ़ेंगे।
नए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के अनुसार, फुटवियर कारोबारियों को अपना सिस्टम बदलना होगा। इसमें टेस्टिंग लैब, बीआईएस लाइसेंस और आईएसआई लोगो के नियमों का पालन शामिल है। बीआईएस देश भर में अपने फंड से टेस्टिंग लैब की स्थापना करेगा।
विज्ञापन
एक महीने में ही 300 करोड़ के ज्यादा आर्डर
पिछले साल यूपी से फुटवियर का 4571 करोड़ का निर्यात हुआ था। घरेलू बाजार में लगभग 14 हजार करोड़ रुपये के फुटवियर बिके। इस बार एक महीने में ही 1400 करोड़ की तुलना में 1700 करोड़ के आर्डर आ चुके हैं। यानी पिछले साल की तुलना में 300 करोड़ से ज्यादा के आर्डर मिल चुके हैं। इस फैसले से कम से कम 20 फीसदी की ग्रोथ यूपी को मिलेगी।
विज्ञापन
चर्म निर्यात परिषद का अनुमान है कि बीआईएस मुहर से उच्च गुणवत्ता के कारण भले ही फुटवियर के दाम कुछ बढ़ जाएं, लेकिन कम से कम 3500 करोड़ रुपये के आर्डर बढ़ेंगे।
विज्ञापन
नए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के अनुसार, फुटवियर कारोबारियों को अपना सिस्टम बदलना होगा। इसमें टेस्टिंग लैब, बीआईएस लाइसेंस और आईएसआई लोगो के नियमों का पालन शामिल है। बीआईएस देश भर में अपने फंड से टेस्टिंग लैब की स्थापना करेगा।
विज्ञापन
एक महीने में ही 300 करोड़ के ज्यादा आर्डर
पिछले साल यूपी से फुटवियर का 4571 करोड़ का निर्यात हुआ था। घरेलू बाजार में लगभग 14 हजार करोड़ रुपये के फुटवियर बिके। इस बार एक महीने में ही 1400 करोड़ की तुलना में 1700 करोड़ के आर्डर आ चुके हैं। यानी पिछले साल की तुलना में 300 करोड़ से ज्यादा के आर्डर मिल चुके हैं। इस फैसले से कम से कम 20 फीसदी की ग्रोथ यूपी को मिलेगी।
चीन के घटिया उत्पाद खत्म होंगे
सीएलई के रीजनल चेयरमैन जावेद इकबाल के मुताबिक 500 रुपये से कम कीमत वाले फुटवियर बाजार में 70 फीसदी चीनी माल है। ये उत्पाद क्वालिटी में कहीं नहीं टिकते। अब हर फुटवियर को टेस्टिंग लैब से गुजरना होगा, जिसमें चीन के घटिया उत्पाद खत्म हो जाएंगे। चीन के फुटवियर महंगे होते ही ग्राहक भारतीय ब्रांड को तरजीह देगा।
बीआईएस मुहर के फैसले से परिषद सहमत है। इससे बाजार में चीनी फुटवियर का आधिपत्य खत्म होगा। इससे गुणवत्तापूर्ण फुटवियर, निर्यात और भारतीय ब्रांडों को वैश्विक बाजार में स्थापित करने में मदद मिलेगी। -आर के जालान, वाइस चेयरसैन, चर्म निर्यात परिषद
बीआईएस नियम से फुटवियर इंडस्ट्री में लगभग 15 से 20 फीसदी तेजी का अनुमान है क्योंकि इस नियम से चीन के उत्पाद महंगे हो जाएंगे। क्वालिटी की प्रतिस्पर्धा होगी जिसमें भारतीय चर्म निर्यातक शुरू से ही चीन से आगे रहे हैं। -मुख्तारुल अमीन, पूर्व चेयरमैन
नंबर गेम
-भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर निर्माता
-सालाना लगभग 300 करोड़ जोड़े का उत्पादन
-भारत में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर बाजार
-लगभग 315 करोड़ जोड़ी फुटवियर की बिक्री हर साल
-भारत से लेदर निर्यात में 52 फीसदी हिस्सा फुटवियर का
-भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर निर्माता
-सालाना लगभग 300 करोड़ जोड़े का उत्पादन
-भारत में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर बाजार
-लगभग 315 करोड़ जोड़ी फुटवियर की बिक्री हर साल
-भारत से लेदर निर्यात में 52 फीसदी हिस्सा फुटवियर का