यूपी में खूफिया एजेंसियों के लिए सिरदर्द बनें '350 पाकिस्तानी'
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पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकी शिविरों को तबाह करने के लिए किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सूबे की खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। उन्हें ऐसे पाक नागरिकों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं जो सूबे में आकर लापता हो गए हैं।
खुफिया एजेंसियों के लिए अब इनकी तलाश सिरदर्द बन गई है। स्टेट इंटेलीजेंस एजेंसी को इनके बारे में जानकारी जुटाने को कहा गया है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सूबे में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
यूपी में लापता पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या 350 से अधिक है। हालांकि खुफिया विभाग के अफसरों का मानना है कि जो पाक नागरिक यहां आकर लापता हो गए उनमें से अधिकतर काफी आयु के हो चुके होंगे। कुछ के मरने की भी सूचना है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसी ने भी यह अंदेशा जताया है कि गायब पाकिस्तानी नागरिक दिक्कत का सबब बन सकते हैं। ऐसे लोग किसी आतंकी संगठन के लिए स्लीपिंग मॉड्यूल भी हो सकते हैं। ऐसे में उनको चिह्नित कर उन पर नजर रखना जरूरी है।
प्रमुख जिले जहां से गायब हैं पाक नागरिक
लखनऊ----34
बरेली----25
कानपुर नगर----29
मेरठ--------22
मुरादाबाद----17
वाराणसी----14
इलाहाबाद----15
गोरखपुर----10
अंबेडकरनगर----10
प्रतापगढ़----08
फीरोजाबाद----08
अलीगढ़----10
रामपुर----09
फतेहगढ़----05
गाजियाबाद----09
बलिया----10
जौनपुर----08
मुजफ्फरनगर----08
(इसके अलावा कई जिलों में एक-दो से लेकर पांच-छह तक पाक नागरिक लापता हैं।)
क्या कहते हैं अफसर
इस पर प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा कहते हैं कि पाकिस्तान के जो भी नागरिक मिसिंग हैं उनकी तलाश के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियों को सतर्क किया गया है। हालांकि कुछ ऐसे भी हैं जो शादी के बाद वहां गए लेकिन बाद में वापस आ गए। कुछ लोगों ने पाकिस्तान की नागरिकता ली थी लेकिन अब भारत लौट आए हैं और यहां की नागरिकता चाह रहे हैं। ऐसे लोगों के प्रकरण भारत सरकार को भेजे गए हैं। कुछ नागरिक ऐसे हैं जिनका वीजा खत्म होने के बावजूद वे यहीं रुक गए हैं। इन लोगों की भी तलाश करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, मामले पर कानून-व्यवस्था एडीजी दलजीत सिंह चौधरी का कहना है कि पाक के जो भी नागरिक यहां आते हैं यदि वे तय समय पर वापस नहीं जाते हैं तो उनकी तलाश कर उन्हें भेजने का काम हमेशा ही चलता रहता है। यह बात सही है कि कई नागरिक ऐसे हैं जो इस समय मिसिंग हैं। लेकिन इनमें से कई लोगों की मृत्यु हो चुकी है। कुछ छुपकर यहां कारोबार कर रहे हैं।
कुछ के परिवार इधर-उधर चले गए हैं। खुफिया एजेंसियां इन सभी की तलाश करती रहती हैं। केंद्र सरकार को भी रिपोर्ट भेजी जाती है। अन्य एजेंसियां भी इस काम में लगी रहती हैं। कुछ ऐसे नागरिक हैं जो चले गए हैं लेकिन उनकी सूचना हमारे यहां मिसिंग में दर्ज है। इन सभी को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।