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फिर फंस सकते हैं पार्षद कोटे के 35 करोड़ के विकास कार्य

Mon, 21 Dec 2020 01:50 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Dec 2020 01:50 AM IST
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35 crore of councilor quota may stuck
चौथी किस्त जारी करने में देरी से पार्षद नाराज
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प्रवेंद्र गुप्ता
पार्षद कोटे के कामों में हो रही देरी से इस वित्तीय वर्ष भी पार्षद कोटे के करीब 35 करोड़ के काम अटक सकते हैं। प्रस्ताव बनाने से लेकर टेंडर जारी होने और मंजूर होने तक दो महीने से अधिक समय लग जाता है। इसके अलावा कोटे के तहत होने वाले विकास कार्यों की फाइलों पर बजट तभी स्वीकृत होता है, जब कार्यकारिणी की कार्यवाही जारी हो जाती है। इसमें भी एक महीने का समय लग जाता है। ऐसे में जब अभी कार्यकारिणी की बैठक में चौथी किस्त की मंजूरी ही नहीं मिली तो चालू वित्तीय वर्ष में कोटे की चौथी किस्त के काम पूरे होने के आसार कम हैं।
इसे लेकर नगर निगम के पार्षद चिंतित हैं कि कहीं इस साल भी पार्षद कोटे के काम देनदारी की सूची में न चले जाएं। नेता कांग्रेस पार्षद दल ममता चौधरी का कहना है कि तीसरी किस्त के भी अभी कुछ टेंडर नहीं हुए हैं। पूर्व कार्यकारिणी सदस्य और पार्षद राजकुमार सिंह राजा ने पिछली बार हुए सदन में प्रस्ताव रखा था कि जब कोटा एक बार बजट में पास हो जाता है तो फिर उसे किस्त में जारी करने के बजाय एक बार में जारी किया जाए। ताकि पार्षद अपने प्रस्ताव दे सकें और वार्ड के जरूरी काम करा सकें। बीते साल करीब चालीस करोड़ का कोटा लैप्स हो गया था। जिसको देखते हुए पार्षद लईका आगा, राम नेरश रावत सहित कई पार्षदों ने सोशल मीडिया पर भी यह मसला उठाया है।
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किस्त जारी हो तो समय से हों काम
सपा पार्षद दल के नेता यावर हुसैन रेशू, वरिष्ठ कांग्रेस पार्षद गिरीश मिश्र, कांग्रेस पार्षद दल की नेता ममता चौधरी, पार्षद अमित चौधरी, समीर पाल सोनू और पूर्व पार्षद रुद्र प्रताप सिंह कहतें हैं कि चौथी किस्त को दिसंबर के पहले सप्ताह में जारी कर दिया जाना चाहिए था। यदि 31 मार्च तक काम पूरे होकर बिल लेखा विभाग नहीं पहुंचा तो काम फंस जाएंगे और देनदारी की सूची में चले जाएंगे। जो काम शुरू नहीं पाएंगे वह तो लैप्स ही जाएंगे।
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छोटे-छोटे काम के लिए खर्च करते हैं बजट
चौथी किस्त में हर वार्ड में करीब 32 लाख रुपये के काम कराए जा सकेंगे। पार्षद कोटे से नगर निगम वही काम कराता है, जिनके प्रस्ताव पार्षद की ओर से दिए जाते हैं। पार्षद अपने कोटे से ज्यादातर छोटे-छोटे आवश्यक कार्य कराते हैं। उनमें सबसे अधिक वह काम होते हैं, जिनका बजट पांच लाख रुपये से कम रहता है। कुल मिलाकर पार्षद बड़े काम के बजाय छोटे-छोटे काम कोटे से कराते हैं और बड़े काम के लिए अवस्थापना व अन्य मदों से प्रस्ताव मंजूरी कराने की कोशिश करते हैं।

जल्द जारी हो किस्त, देंगे मांग पत्र
सपा पार्षद दल की नेता यावर हुसैन रेशू और कांग्रेस पार्षद दनल की नेता ममता चौधरी ने कहा कि चौथी किस्त जल्द जारी की जाए, इसके लिए वह महापौर नगर आयुक्त को मांग पत्र देंगे। पार्षद गिरीश मिश्र ने कहा कि जब बजट पास हो चुका है तो फिर किस्त जारी करने में देरी क्यों की जा रही है।
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